ममता भारद्वाज कार्यक्रम पेश करते हुए
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स्वारघाट कहलूर ग्रीष्मोत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में वॉयस ऑफ पंजाब फेम कुमार साहिल और हिमाचली गायिका ममता भारद्वाज का खूब जादू चला।
हिमाचल के दोनों कलाकारों ने एक से बढ़कर एक पंजाबी और पहाड़ी गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
कुमार साहिल ने मुस्कुराने की वजह तुम हो..., दिल मेरया हो जुगनी..., तू बदली सौ बार..., तेरा-मेरा प्यार बचपनो रा..., इक अधिया मंगाई जा रे..., इस गराएं देया लंबड़ा हो..., लच्छी-लच्छी लोक गलां दे..., पानी री टांकी..., मैं जट्ट यमला पगला दीवाना... गीतों पर दर्शकों को खूब झूमाया। इसके बाद ममता भारद्वाज ने तेरे बिन नई जीणा..., कजरा मोहब्बत वाला..., मेरी फोटो को सीने से यार..., बाटा जांदे सिट्टी मार दे... और सारे हिमाचलवासी... गीतों से खूब समां बांधा।
इससे पूर्व स्थानीय कलाकार सतीश शर्मा ने ये रेशमी जुल्फें... गीत की बेहतरीन प्रस्तुति दी। दूसरी सांस्कृतिक संध्या में जिला परिषद अध्यक्ष अमरजीत सिंह बंगा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की, जबकि तहसीलदार स्वारघाट जसपाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।