जेपी कंपनी की तरफ से ट्रकों का किराया न मिलने से ऑपरेटर परेशान है। हालात यह है कि उनके लिए अब गाड़ी चलना मुश्किल हो गया है।
ऐसे में ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि अगर दो दिनों के भीतर भाड़े की अदायगी नहीं की गई तो वह चक्का जाम करने पर मजबूर हो जाएंगे। दी बिलासपुर जेपी उद्योग विस्थापित एवं प्रभावित परिवहन सहकारी सभा समिति की बैठक सभा के प्रधान महेंद्र सिंह की अध्यक्षता में लाड़ाघाट में हुई।
सभा के महासचिव दौलत सिंह ठाकुर ने कहा कि जेपी उद्योग ने पिछले 18 दिनों से भाड़े की कोई भी राशि ऑपरेटरों को नहीं दी है। इसके चलते ऑपरेटरों का गाड़ियां चलाना मुश्किल हो गई।
उन्होंने कहा कि अगर दो दिन के भीतर ऑपरेटरों के भाड़े का भुगतान नहीं किया गया, तो ऑपरेटर चक्का जाम के लिए मजबूर हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जेपी उद्योग में कार्यरत बिलासपुर और सोलन जिले के चार हजार से ज्यादा ऑपरेटरों को किराये की राशि न मिलने से भारी मुश्किल पैदा हो गई है। भाड़े की करीब आठ करोड़ से ज्यादा राशि जेपी उद्योग से लेने को है।
प्रबंधन कमेटी कई बार जेपी मैनेजमेंट से किराया देने के बारे मिल चुकी है, लेकिन जेपी प्रबंधक ऑपरेटरों की इस समस्या को नजरअंदाज कर रहा है। साथ ही बैठक में जबल से शालूघाट तक सड़क की खस्ता हालत पर भी चिंता व्यक्त की गई। पार्किंग न बनने के कारण ऑपरेटरों को ट्रक खड़े करने में भारी परेशानी हो रही है।
दौलत सिंह ठाकुर ने कहा कि आज उत्पादन घटकर 15-20 प्रतिशत ही रह गया है, जिससे ऑपरेटरों की हालत दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मांग की है कि इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए इस कारखाने को अपने अधीन कर लें। बैठक में परमानंद ठाकुर, रोशन लाल, धर्मपाल, परमराम, जीत राम, हंसराज, हेमराज, कर्म सिंह व देवराज सहित कई ऑपरेटर उपस्थित रहे।