शालू रनौत का बरठीं मे स्वागत करते लोग।
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बरठीं (बिलासपुर)। जिला परिषद वार्ड पांच बरठीं में कांग्रेस की चाणक्य नीति के आगे भाजपा धराशायी हो गई। जिला परिषद के चुनाव में बरठीं वार्ड से गुरु और शिष्य एक-दूसरे के सामने थीं। 25 वर्षीय शिष्या ने अपनी ही गुरु को पछाड़कर जिला परिषद की सीट पर कब्जा कर लिया है।
यह सीट विधानसभा क्षेत्र झंडूता की 4 पंचायतों व विधानसभा क्षेत्र घुमारवीं की 7 पंचायतों को मिलाकर बनाई गई है। भाजपा के मंत्री राजेंद्र गर्ग और झंडूता विधानसभा क्षेत्र के विधायक जीतराम कटवाल भी भाजपा समर्थित प्रत्याशी को जिताने में कामयाब नहीं हुए। भाजपा समर्थित प्रत्याशी उषा ठाकुर को हराकर कांग्रेस समर्थित शालू रनौत ने 721 वोटों से चुनाव जीत लिया है। इस वार्ड से 5 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे, जिनमें दो पूर्व पंचायत प्रधान रही हैं। इस चुनाव में शालू रनौत को 4702 और उषा ठाकुर को 3981 मत मिले। इसके अलावा निशा शर्मा को 2538, मीरा देवी को 2634 व नेहा को 2509 मत मिले हैं। यह सीट दोनों ही पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल थी, लेकिन कांग्रेस के आगे भाजपा के नेता प्रचार करने में फिसड्डी रहे।
भाजपा की सोच थी कि इस सीट से भाजपा प्रत्याशी को जिताकर अध्यक्ष पद पर निशाना साधा जाएगा। लेकिन कांग्रेस के नेताओं की चाणक्य नीति के आगे सब धरा का धरा रह गया। कांग्रेस ने एक 25 वर्षीय युवती पर दांव खेलकर पारी को अपने पाले में कर भाजपा को सोचने पर मजबूर कर दिया है। ऐसी भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्षेत्र में विकास की अनदेखी होने पर कार्यकर्ताओं में खासी नाराजगी उभर कर सामने आई है। इन नतीजों से नेताओं को कुछ सीख लेनी चाहिए।