जनता को कम शुल्क पर मिलती थी सुविधा
रखरखाव के अभाव में दीवारें, दरवाजे, खिड़कियां बदहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। झंडूता में बना डॉ. भीमराव आंबेडकर सामुदायिक भवन अनदेखी के चलते जर्जर हो गया है। यह भवन कभी सरकारी और गैर-सरकारी कार्यक्रमों, जागरूकता अभियानों, वैवाहिक आयोजनों के लिए उपयोग में लाया जाता था। आम जनता को मामूली शुल्क देकर इसकी सुविधा मिल रही थी। वर्तमान में भवन बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
लाखों रुपये की लागत से बने इस भवन की खिड़कियों के शीशे टूट चुके हैं, दरवाजे जर्जर हो गए हैं। रखरखाव के अभाव में दीवारों को भी नुकसान पहुंचा है। पंचायत के अधीन होने के बावजूद इस भवन की देखरेख में लापरवाही बरती जा रही है।
भवन को ग्राम पंचायत झंडूता के अधीन किया गया है। लेकिन पंचायत की ओर से इसकी मरम्मत और रखरखाव की कोई योजना नहीं बनाई गई है। पंचायत का कहना है कि उनकी प्राथमिकता अन्य विकास कार्यों पर है, लेकिन इस लापरवाही से न केवल भवन खंडहर में बदल रहा है, बल्कि सरकारी खजाने को राजस्व की भी भारी हानि हो रही है। इस सामुदायिक भवन का निर्माण पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की सरकार के कार्यकाल में किया गया था। भाजपा सरकार ने उस समय हर तहसील स्तर पर सामुदायिक भवन बनाने की योजना शुरू की थी, ताकि स्थानीय लोगों को विवाह, पार्टी, बैठक और अन्य सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए सुविधाएं मिल सके। भवन का लोकार्पण पूर्व विधायक रिखी राम कौंडल ने किया था।
स्थानीय लोग सरकार और पंचायत की अनदेखी से नाराज हैं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए ऐसे भवन अगर अनुपयोगी होकर खंडहर में तब्दील होते रहे, तो यह सरकारी धन की बर्बादी के साथ स्थानीय जनता के अधिकारों का हनन है। लोगों ने प्रशासन और पंचायत से मांग की है कि जल्द से जल्द भवन की मरम्मत कर इसे तैयार किया जाए।
खंड विकास अधिकारी झंडूता संजीव पुरी ने बताया कि भवन की अनदेखी का मामला ध्यान में आया है। उन्होंने कहा कि भवन की मरम्मत और दोबारा उपयोग के लिए पंचायत सचिव को निर्देश दिए हैं। जल्द ही इसे ठीक करने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि इसका सही उपयोग हो सके और इसे फिर से सक्रिय बनाया जा सके।