-जनवरी 2016 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों के दिए जाएं वित्तीय लाभ
-हिम आंचल के पेंशनरों को बिलासपुर में घुसपैठ न करने की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन जिला बिलासपुर की त्रैमासिक बैठक चंगर सेक्टर बिलासपुर में जिला प्रधान जगदीश दिनेश की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी में मुख्य सलाहकार जेके नड्डा, महामंत्री ठाकुर हुकुम सिंह, संयुक्त सचिव लेखराम कौंडल और संगठन सचिव गोपाल दास शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
जिला महामंत्री चेतराम वर्मा ने समस्त पेंशनरों का स्वागत किया। इसके बाद दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। पेंशनरों ने सरकार से मांग की कि पहली जनवरी 2016 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वित्तीय लाभ दिए जाएं। रोष प्रकट करते हुए मुख्य सलाहकार अमरनाथ भारद्वाज ने कहा कि कुछ पेंशनर तो इंतजार करते-करते स्वर्ग भी सिधार गए उनके परिवार के सदस्यों के एकमुश्त उनकी बकाया राशि दे दी जाए। भराड़ी यूनिट के प्रधान राज कुमार शर्मा ने कहा कि हिम आंचल के पेंशनर बिलासपुर में घुसपैठ करने कोशिश कर रहे हैं। हिम आंचल के पदाधिकारियों को चेतावनी दी है कि ऐसी ओछी हरकतों से बाज आएं। केडी कौशल, रविंद्र नाथ भट्टा, गोपाल दास शर्मा, जय कृष्ण शर्मा, बीरबल धीमान ने संगठन को मजबूत करने की बात कही है। यह भी कहा कि सरकार को बने 10 महीने हो गए, लेकिन पेंशनरों को मुख्यमंत्री ने मिलने तक का समय नहीं दिया। लेखराम शर्मा, दौलत राम चौहान, हरी सिंह ठाकुर, सरदार भाग सिंह, ओम प्रकाश गर्ग, लेख राम कोंडल, जसवंत सिंह चंदेल ने कहा कि अधिक से अधिक पेंशनरों को अपने संगठन में जोड़ने का प्रयास करें और संगठित रहें तभी सरकार के ऊपर कोई दबाव बनाया जा सकता है।
प्रदेश मुख्य सलाहकार जेके नड्डा और प्रदेश महामंत्री हुकुम सिंह ठाकुर ने प्रदेश स्तर पर हो रही गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पदाधिकारी पहली जनवरी 2016 के बाद के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पुनर्निर्धारण के मामलों को जल्दी निपटाने के लिए कई बार महालेखाकार शिमला में उनके कार्यालय में मिले हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 80 प्रतिशत मामलों का निपटारा कर दिया गया है और बाकी मामलों को 30 नवंबर तक निपटा दिया जाएगा। जिला प्रधान जगदीश दिनेश ने सभी पेंशनरों को संतोषजनक जवाब दिया। कहा कि प्रदेश और जिले के पदाधिकारी हर समय पेंशनरों की मुख्य मांगों को मनवाने के लिए तत्पर रहते हुए उनकी भलाई के लिए काम करते रहते हैं। पेंशनरों की समस्याओं के निदान के लिए प्रदेश के पदाधिकारी मुख्यमंत्री से बैठक का समय लें, ताकि मांगों पर चर्चा की जा सके।