झंडूता उपमंडल में बरठीं क्षेत्र के भल्लू रियाण की सिंचाई योजना । संवाद
-सिंचाई की सुविधा न मिलने से किसानों को हो रहा है नुकसान
-1988 में तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह ने किया था शुभारंभ
-2016 में इस योजना के लिए स्वीकृत हुए थे दोबारा लगभग साढ़े तीन करोड़
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं(बिलासपुर)। झंडूता उपमंडल के बरठीं क्षेत्र के भल्लू रियाण के किसानों को लंबे समय से सिंचाई के लिए पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि 1988 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा शुरू की गई सिंचाई योजना आज तक पूरी नहीं हो पाई है।
स्थानीय निवासी कर्म देव गौतम ने बताया कि 2016 में इस योजना के लिए दोबारा लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। विभाग ने 7 मार्च 2022 को इस योजना का ठेका ऑनलाइन आवंटित किया। लेकिन आज तक इस योजना का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच सका है, जबकि पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। बताया कि विभाग का दावा है कि मशीनें पहुंच चुकी हैं, लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर कोई मशीन नहीं लगाई गई है। किसान बेसब्री से इस योजना के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे अपनी फसलें पैदा कर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवा खेती में नगदी फसलें उगाकर अपनी आजीविका कमा सकते हैं, लेकिन पानी की अनुपलब्धता के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है। कर्म देव गौतम ने बताया कि उन्होंने इस मामले में आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी थी। आरटीआई से स्पष्ट हुआ कि विभाग बार-बार ठेके की अवधि बढ़ा रहा है लेकिन कार्य को पूरा नहीं करवा पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जल शक्ति विभाग ठेकेदार को शरण दे रहा है और काम में देरी कर रहा है। उन्होंने विभाग से मांग की कि जल्द से जल्द मशीनें लगाकर स्कीम का परीक्षण किया जाए ताकि किसानों को पानी उपलब्ध हो सके।
इस संबंध में जल शक्ति विभाग झंडूता के सहायक अभियंता अमन ठाकुर ने बताया कि स्कीम का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मशीनें भी पहुंच चुकी हैं और जल्द ही उन्हें स्थापित कर दिया जाएगा। किसान चाहते हैं कि विभाग तुरंत मशीनों की स्थापना कर स्कीम का परीक्षण करें ताकि सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति शुरू हो सके। उन्हें उम्मीद है कि यह योजना जल्द पूरी होगी और उन्हें खेती के लिए पानी मिलेगा जिससे उनकी फसल उत्पादन की समस्याएं खत्म होंगी।