राज्य खाद्य आयोग ने बिलासपुर में की एनएफएसए-2013 की समीक्षा
पीडीएस खाद्यान्नों के भंडारण और वितरण व्यवस्था का निरीक्षण कर लिए सैंपल
आंगनबाड़ी केंद्रों, मिड-डे-मील, राशन दुकानों का निरंतर निरीक्षण करें सुनिश्चित
एडीसी बोले- एक वर्ष में खाद्य सुरक्षा से संबंधित कोई भी शिकायत जिला में दर्ज नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 की प्रभावी पालना को लेकर समीक्षा बैठक हुई, जिसमें राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कत्याल ने अध्यक्षता करते हुए पीडीएस की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत खाद्यान्नों की उपलब्धता, गुणवत्ता, वितरण प्रक्रिया, शिकायत निवारण और विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
डॉ. कत्याल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पीडीएस खाद्यान्नों की सप्लाई चेन के हर स्तर पर थोक गोदामों से लेकर उचित मूल्य दुकानों और लाभार्थियों तक गुणवत्ता और मात्रा का नियमित निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों, मिड-डे-मील प्रदान करने वाली पाठशालाओं और राशन दुकानों का निरंतर निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि कहीं भी गड़बड़ी या कमी न रहे। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को खाद्यान्न वितरण प्रणाली और सरकार की नीतियों के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है। उपभोक्ता अपने अधिकार और योजनाओं की उपयोगिता जानेंगे तो पारदर्शिता बढ़ेगी और व्यवस्था और मजबूत होगी। बैठक में सतर्कता समितियों की कार्यप्रणाली और उनके निरीक्षणों पर भी चर्चा की गई। विकासखंड तथा जिला स्तर पर गैर-सरकारी सदस्यों के लंबित नामांकनों को सरकार के समक्ष दोबारा उठाने और जल्द पूरा करवाने का आश्वासन दिया गया। एडीसी ओमकांत ठाकुर ने बैठक में बताया कि पिछले एक वर्ष में खाद्य सुरक्षा से संबंधित कोई भी शिकायत जिला में दर्ज नहीं हुई है। विभाग द्वारा त्रैमासिक आधार पर खाद्यान्नों की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और वितरण की नियमित समीक्षा की जाती रही है।
जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले ब्रिजेंद्र पठानिया ने जानकारी दी कि जिले में कुल 1,77,437 लाभार्थियों को प्रति माह निर्धारित मात्रा में पीडीएस के रूप में खाद्यान्न उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उप-निदेशक शिक्षा विभाग ने बताया कि जिले में 27,856 पात्र विद्यार्थियों को 793 स्कूलों के माध्यम से नियमित मिड-डे-मील उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) हरीश मिश्रा ने बताया कि 2,290 गर्भवती महिलाओं, 1,847 धात्री माताओं और 0-6 वर्ष के 13,338 बच्चों को 1,111 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषणयुक्त आहार प्रदान किया जा रहा है। बैठक के उपरांत डॉ. कत्याल ने विभागीय फील्ड कार्यकर्ताओं के साथ पीडीएस खाद्यान्नों के भंडारण और वितरण व्यवस्था का निरीक्षण भी किया। इस दौरान खाद्यान्नों के नमूने एकत्र कर गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। इस दौरान एडीसी ओमकांत ठाकुर, डीएफएससी ब्रिजेंद्र पठानिया, उप-निदेशक शिक्षा विभाग और जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) हरीश मिश्रा भी मौजूद रहे।