विज्ञान और तकनीक आधारित गतिविधियों को स्कूलों तक पहुंचाने के निर्देश
डाइट की रोबोटिक्स, ड्रोन, विज्ञान केंद्र और आभासी वास्तविकता प्रयोगशाला का लिया जायजा
बच्चों को प्रयोग और गतिविधियों के माध्यम से सीखने के अवसर देने पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपायुक्त राहुल कुमार ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) जुखाला का निरीक्षण किया। उन्होंने संस्थान में विज्ञान, तकनीक, नवाचार और शिक्षक प्रशिक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने डाइट की ओर से विद्यार्थियों के लिए विज्ञान विषय को रुचिकर, व्यावहारिक और अनुभव आधारित बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कहा कि बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय प्रयोग, गतिविधियों, तकनीक और अनुभव आधारित सीखने के अवसर उपलब्ध करवाए जाने चाहिए। इससे विद्यार्थियों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होगा।
उन्होंने डाइट के माध्यम से विकसित की जा रही नवाचारी शिक्षण विधियों और गतिविधियों को अधिक से अधिक विद्यालयों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने डाइट के प्रशिक्षुओं से संवाद कर उनके प्रशिक्षण और शैक्षणिक अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करवाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में प्रश्न पूछने, प्रयोग करने, समस्याओं के समाधान खोजने और नई चीजें सीखने की जिज्ञासा पैदा करना भी है। उन्होंने भावी शिक्षकों से प्रशिक्षण के दौरान सीखी जा रही नवाचारी एवं अनुभवात्मक शिक्षण विधियों को विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया। कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए विज्ञान एवं तकनीक आधारित गतिविधियों को विद्यालय स्तर तक पहुंचाना जरूरी है। संस्थान के प्रधानाचार्य रमेश मनकोटिया ने बताया कि पिछले वर्ष प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 1200 विद्यार्थियों ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बिलासपुर की रोबोटिक्स एवं ड्रोन प्रयोगशाला, विज्ञान केंद्र तथा आभासी वास्तविकता प्रयोगशाला का भ्रमण किया। इस दौरान जिला उपनिदेशक एवं जिला परियोजना अधिकारी निशा गुप्ता, मीडिया समन्वयक विजय शर्मा, शजुनैद खान, अतुल शर्मा, नरेश चंद, चंद्रकांत भारद्वाज, डॉ. नीलम, रीता कुमारी, सतीश कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।