सड़कों में गड्ढे नहीं, बल्कि गड्ढों में नजर आती है सड़क, हादसों का खतरा बढ़ा
खराब सड़कों के कारण उद्योगों तक कच्चा माल पहुंचाने में हो रही परेशानी
उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर कहा, कार्रवाई न होने पर खुद मरम्मत करेंगे उद्योगपति
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। औद्योगिक क्षेत्र बिलासपुर की जर्जर सड़कों को लेकर जिला लघु उद्योग संघ बिलासपुर ने प्रशासन के खिलाफ कड़ा रोष जताया है। संघ का कहना है कि क्षेत्र की सड़कें पूरी तरह बदहाल हो चुकी हैं और अब हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि वाहन चलाना जानलेवा जोखिम बन गया है।
जिला लघु उद्योग संघ बिलासपुर के अध्यक्ष प्रेम डोगरा, महामंत्री इंद्र ठाकुर के नेतृत्व में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में उद्योगपति मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में सड़कों की खराब स्थिति पर चिंता जताई। ज्ञापन में शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू करने की मांग की गई है। बताया कि औद्योगिक क्षेत्र से प्रतिदिन प्रदेश और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े लगभग 95 प्रतिशत वाहन गुजरते हैं, जिससे सड़कों पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है और उनकी स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। मांग की है कि इस समस्या को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए तुरंत सड़कों की मरम्मत करवाई जाए, ताकि उद्योगों के सुचारू संचालन के साथ-साथ आम लोगों को भी राहत मिल सके। उधर, उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वह स्वयं इस मामले को देखेंगे और जल्द ही सड़कों का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। पदाधिकारियों के अनुसार सड़कें जगह-जगह से उखड़ चुकी हैं और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। अब स्थिति यह हो गई है कि सड़कों में गड्ढे नहीं, बल्कि गड्ढों में सड़क नजर आती है। खराब सड़कों के कारण उद्योगों तक कच्चा माल पहुंचाने और तैयार माल की ढुलाई में भी भारी दिक्कत आ रही हैं, जिससे उत्पादन और व्यापार प्रभावित हो रहा है। पैदल चलने वालों के लिए भी हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं।
बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को सड़क पार करना या पैदल निकलना मुश्किल हो गया है। बरसात के दौरान यह समस्या और विकराल रूप ले लेती है, जब गड्ढों में पानी भरने से हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। संघ ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर पहले भी 26 जनवरी 2026 को प्रदेश के उद्योग मंत्री को ज्ञापन दिया गया था। इसके अलावा कई बार उद्योग विभाग और जिला प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उल्टा समय के साथ सड़कों की हालत और ज्यादा खराब होती चली गई है। हाल ही में आयोजित संघ की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रशासन को अंतिम बार चेताया जाए। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 मई 2026 तक सड़कों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो उद्योगपति स्वयं अपने स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू करेंगे। इस स्थिति में किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और जिला प्रशासन की होगी।