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Bilaspur News: घुमारवीं में खाकी पर भारी निजी बस वाले, रसूख की दिखाते हैं धौंस

Thu, 15 Jan 2026 11:34 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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सरेआम बदसलूकी और ट्रैफिक के नियमों का कर रहे उल्लंघन
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गांधी चौक पर हाई वोल्टेज ड्रामा, वीआईपी ड्यूटी पर तैनात कर्मी से उलझा बस कंडक्टर, केस दर्ज
निजी बस वालों की मनमानी से बिगड़ रही ट्रैफिक व्यवस्था, कर्मचारियों से बढ़ी बदसलूकी
-नियम लागू कराने पर बहस, गाली-गलौज और धमकियों का सामना कर रहे यातायात कर्मचारी

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। पुलिस थाना घुमारवीं के अंतर्गत शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने में दिन-रात तैनात यातायात कर्मचारियों को न केवल आम लोगों, बल्कि निजी बस परिचालकों, चालकों और बस मालिकों की ओर से लगातार अभद्र भाषा और बदसलूकी का सामना करना पड़ रहा है। चिंताजनक बात यह है कि इस तरह की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
वीरवार सुबह गांधी चौक के समीप एक गंभीर मामला सामने आया। वीआईपी मूवमेंट के चलते ड्यूटी पर तैनात एक यातायात कर्मचारी ने सड़क किनारे लंबे समय से खड़ी एक निजी बस को आगे बढ़ाने के लिए कहा, जिस पर बस का परिचालक आपा खो बैठा और खुलेआम अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा। इतना ही नहीं, उसने अपने कथित प्रभावशाली संबंधों का हवाला देकर यातायात कर्मचारी को डराने-धमकाने का भी प्रयास किया। मौके पर यातायात इंचार्ज के पहुंचने पर स्थिति को संभालने की कोशिश की गई, लेकिन इसके बावजूद निजी बस परिचालक अपमानजनक व्यवहार करता रहा और बस लेकर मौके से चला गया। वहीं पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। यह कोई एक घटना नहीं है, बल्कि निजी बस परिचालकों और चालकों द्वारा यातायात कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की ऐसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इससे कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है और ड्यूटी के दौरान उनकी सुरक्षा व आत्मसम्मान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। शहर में अकसर देखने में आ रहा है कि निजी बसें बस स्टैंड से बाहर निकलते ही सड़क किनारे खड़ी कर दी जाती हैं और वहीं से सवारियों को आवाज दी जाती है। इससे न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है।
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इसके अलावा कई निजी बसों में तय क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं। बसों के दरवाजे खुले रखकर, दरवाजों पर यात्रियों को लटकाकर चलाना तथा चलते वाहन में सवारियां चढ़ाना-उतारना आम हो गया है, जो यातायात नियमों का खुला उल्लंघन होने के साथ यात्रियों की जान के लिए भी गंभीर खतरा है। जब यातायात कर्मचारी अपने कर्तव्य का पालन करते हुए ओवरलोड बसों को रोकते हैं या खुले दरवाजे बंद कराने एवं सड़क किनारे खड़ी बसों को आगे बढ़ाने के निर्देश देते हैं, तो कई निजी बस परिचालक और चालक नियम मानने के बजाय बहस, बदतमीजी और दुर्व्यवहार पर उतर आते हैं। कुछ मामलों में प्रभावशाली लोगों से संबंध होने का हवाला देकर कर्मचारियों को डराने-धमकाने की भी कोशिश की जाती है।
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कोट
मामला संज्ञान में आया है और आगे की कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अवहेलना और इस प्रकार का व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - संदीप धवल , एसपी
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