कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण कार्य में हो रही ब्लास्टिंग से थापना गांव थरथरा गया है। मकानों में दरारें आ गई हैं। इसके कारण ग्रामीणों के मकान गिरने की कगार पर पहुंच गए हैं। गत वीरवार शाम को हुई ब्लास्टिंग से गांव के लोग दहशत में आ गए हैं। गांव के मकानों में पहले हुई ब्लास्टिंग के दौरान आई दरारें और ज्यादा बढ़ गई हैं और छतों का सीमेंट भी गिरना शुरू हो गया है।
थापना गांव के वार्ड सदस्य प्रकाश चंद, रामपाल, कृष्णा, रंगी राम, दीप चंद, अशोक कुमार व मदन लाल आदि ने बताया कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण कार्य में ब्लास्टिंग आए दिन होती रहती है। कई बार इतनी अधिक ब्लास्टिंग की जाती है कि पूरा गांव थरथर कांप उठता है। वीरवार को भी ब्लास्टिंग की गई।
पहले भी स्थानीय प्रशासन से फोरलेन कंपनी द्वारा की जा रही ब्लास्टिंग की शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि फोरलेन निर्माण कार्य से दरके मकानों का मौके पर जायजा किया जाए तथा मुआवजा दिलवाने सहित कंपनी व ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही ग्रामीणों ने इस बारे कंपनी, ठेकेदार व प्रशासन को 6 दिन का अल्टीमेटम दिया है। यदि जल्द ही कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई, तो उन्हें मजबूरन न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
उखड़कर नीचे गिरा छत का सीमेंट
वार्ड सदस्य प्रकाश ने बताया कि वीरवार को हुई ब्लास्टिंग से उसके मकान की छत में लगा सीमेंट उखड़कर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि उस समय कमरे में कोई नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। उधर, रामपाल के मुताबिक ब्लास्टिंग से उनके नवनिर्मित मकान के साथ-साथ पुराने मकान में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। कई बार संबंधित ठेकेदार को भारी ब्लास्टिंग न करने की प्रार्थना की जा चुकी है, लेकिन कोई गौर नहीं किया गया। यदि ऐसी ब्लास्टिंग होती रही, तो उनके मकान रहने लायक नहीं रहेंगे। साथ ही कोई बड़ी घटना भी पेश आ सकती है।
फिलहाल इस बारे में कोई शिकायत नहीं आई है। लेकिन, ब्लास्टिंग के कारण यदि समस्या पैदा हुई है, तो मौके का जायजा लेकर संबंधित कंपनी के माध्यम से प्रभावित को मुआवजा दिलाया जाएगा।
जसपाल, तहसीलदार, स्वारघाट