बिलासपुर के जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवा चरमरा गई है। बड़े ऑपरेशनों के लिए अति महत्वपूर्ण मानी जाने वाली इलेक्ट्रो काउट्री मशीन ( रक्त स्त्राव रोकने वाली मशीन) खराब हो गई है।
इस वजह से पिछले एक महीने से अस्पताल में बड़े ऑपरेशन नहीं हो पा रहे। इससे क्रिटिकल कंडीशन वाले मरीजों आईजीएमसी या पीजीआई चंडीगढ़ रेफर करना पड़ रहा हैं।
मशीन खराब होने से विशेष चिकित्सक गायनी, ऑर्थो और अन्य सर्जिकल ऑपरेशन करने का कोई रिस्क नहीं उठा सकते। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने मशीन को ठीक करने के लिए लगभग एक सप्ताह पूर्व बाहर भेजा है, लेकिन अभी तक मशीन ठीक होकर अस्पताल नहीं पहुंची। इससे अस्पताल में होने वाले बड़े ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में एक सप्ताह के दौरान लगभग 30 रूटीन ऑपरेशन होते हैं जबकि 20 बड़े ऑपरेशन किए जाते हैं। मगर इलेक्ट्रो काउट्री मशीन खराब होने से इन सभी ऑपरेशनों का टाला जा रहा है। नतीजतन गंभीर रूप से बीमार मरीजों को शिमला और चंडीगढ़ में जाकर ऑपरेशन करवाने पड़ रहे हैं। इससे उनके पैसे और समय दोनों की बर्बादी हो रही है।
इस काम आती है मशीन
ऑपरेशन थियेटर में जब कोई बड़ा ऑपरेशन होता है और उस दौरान अगर मरीज
के शरीर में ज्यादा ब्लीडिंग हो जाए, तो विशेषज्ञ चिकित्सक इस मशीन के सहारे रक्त बहाव को नियंत्रित करते हैं। ऐसे समय में यदि ब्लीडिंग को न रोका जाए तो मरीज की मौत होने का खतरा बढ़ जाता है।
इससे बिना मशीन के कोई भी चिकित्सक ऑपरेशनों करने का रिस्क नहीं ले सकता। हालांकि, बिलासपुर में अनुभवी चिकित्सकों की व्यवस्था तो है, लेकिन बिना उपकरणों से यह चिकित्सक भी स्वयं को असहाय महसूस कर रहे हैं।
रिस्क नहीं उठा रहे चिकित्सक
चिकित्सकों की मानें तो बिलासपुर में एडवांस सर्जरी करने के लिए वे तैयार हैं, लेकिन बिना संबंधित उपकरणों से कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं।
यही कारण है कि अनुभवी चिकित्सक अब बड़े स्तर के ऑपरेशन करने से परहेज कर रहे हैं। रूटीन वर्क के छोटे आपरेशन तो अस्पताल में हो रहे हैं, लेकिन आपातकालीन परिस्थितियों में यदि कोई बड़ा ऑपरेशन करना हो तो चिकित्सक भी असहाय नजर आ रहे हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
एसएमओ डा. सतीश शर्मा ने बताया कि इलेक्ट्रो काऊट्री मशीन पुरानी थी और ठीक होने के लिए मशीन को बाहर भेेजा गया है। क्षेत्रीय अस्पताल में रूटीन के ऑपरेशन हो रहे हैं। कुछ दिनों में यह मशीन आ जाएगी। इससे व्यवस्था दोबारा सुचारु हो जाएगी।
सीएमओ वीके चौधरी ने बताया कि अस्पताल में एक ही मशीन थी जो खराब हो गई। इसे ठीक होने के लिए भेजा गया है। नई मशीन खरीदने के लिए भी प्रक्रिया जारी है। इसके लिए चार दिसंबर को टेंडर खोले जाएंगे।