नौणी-भराड़ीघाट फोरलेन पर भूस्खलन से मंडराया खतरा, कुछ देर रुका यातायात
नौणी से भराड़ीघाट तक करीब 10 स्थान बने हैं स्लाइडिंग जोन
एनएचएआई से सुरक्षा उपायों को लेकर संज्ञान लेने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नौणी-भराड़ीघाट फोरलेन मार्ग पर क्यारड़ पंचायत के पास मंगलवार देर शाम एक बार फिर पहाड़ी दरक गई। पहाड़ी से अचानक मलबा गिरने के कारण सड़क पर गुजर रहे वाहन चालकों में डर का माहौल बना रहा। गनीमत रही कि इस दौरान कोई वाहन मलबे की चपेट में नहीं आया और बड़ा हादसा टल गया।
अचानक हुए भूस्खलन से कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। मौके पर मौजूद मशीनरी ने तुरंत मोर्चा संभाला और मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग को साफ कर यातायात बहाल कर दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि फोरलेन निर्माण के बाद कई स्थानों पर पहाड़ों की कटिंग की गई है। बरसात के मौसम में इन कटिंग वाले स्थानों पर लगातार भूस्खलन का खतरा बना रहता है। लोगों ने चिंता जताई है कि यदि समय रहते स्थायी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार नौणी से भराड़ीघाट तक करीब 10 ऐसे स्थान हैं, जहां पहाड़ दरकने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इनमें क्यारड़ के अलावा बाग खुर्द के पास, दकसेच क्षेत्र में तीन स्थान, खरोटा और संगीरठीं क्षेत्र के दोनों तरफ के हिस्से शामिल हैं। बारिश के दौरान इन जगहों पर सड़क पर मलबा आने का खतरा बढ़ जाता है। केवल मलबा हटाकर यातायात बहाल करना स्थायी समाधान नहीं है।
लोगों का कहना है कि फोरलेन निर्माण के दौरान की गई कटिंग को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित की जानी चाहिए। पहाड़ी को रोकने के लिए सुरक्षा दीवार, रॉक बोल्टिंग और अन्य जरूरी तकनीकी उपाय किए जाने चाहिए। स्थानीय लोगों और समाजसेवी पवन ठाकुर ने एनएचएआई प्रशासन से मांग की है कि क्यारड़ समेत सभी संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करवाकर जल्द सुरक्षा कार्य शुरू किए जाएं। उन्होंने स्लाइडिंग जोन का स्थायी समाधान निकालने और बरसात के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील की।