- सातवें नवरात्र पर की कालरात्रि के स्वरूप की पूजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। धौलरा मंदिर में चल रहे शरदोत्सव यानी दुर्गा पूजा में शनिवार को सुबह 8 बजे श्री श्री शारदीय दुर्गा देवी का नवपत्रिका प्रवेश कार्यक्रम हुआ। इसके बाद मां दुर्गा की सप्तमी विहित पूजा संपन्न हुई और कलश यात्रा भी निकली। सुबह साढ़े 10 बजे बड़ी संख्या में भक्तों ने मां दुर्गा को पुष्पांजलि अर्पित की और मां दुर्गा को भोग लगाया। साथ ही सुंदर कांड का पाठ भी हुआ।
मां दुर्गा के सातवें स्वरूप को कालरात्रि के नाम से जाना जाता है। मां दुर्गा के इसी रूप की पूजा सातवें नवरात्र पर की गई। वहीं शाम के समय अंधेरा घिरते ही सैकड़ों भक्तों की उपस्थिति में मां दुर्गा की सप्तमी विहित विशेष आरती की गई। इस आरती को आचार्य सुधांशु जी महाराज ने विधिवत रूप से संपन्न करवाया। छठी सांस्कृतिक संध्या में चेतना संस्था के विशेष बच्चों और डीएड प्रशिक्षण केंद्र विजयपुर की प्रशिक्षुओं द्वारा लोक नृत्य और भजन आदि की प्रस्तुतियां दी गईं। इसी संस्था की शगुन ने अपने नृत्य की प्रस्तुति दी। विपिन ने ढोलकी के साथ भजन की प्रस्तुति दी। इतिशा, शालिनी, राधा, शिवांजलि, अंजलि और आरक्षिता ने बिलासपुरी गिद्दा प्रस्तुत किया। विशेष बच्चों नजमा, पूजा, कोमल, स्नेहा, अक्षु और शिवानी ने भी बेहतरीन लोक नृत्य पेश किया। डीएड प्रशिक्षण केंद्र विजयपुर की प्रशिक्षु ज्योति, वंदना, आंचल, मुस्कान, भारती, भारती ठाकुर, प्रियंका और कनिष्का ने लोकनृत्य और गिद्दा की बेहतरीन प्रस्तुति दी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को दुर्गा पूजा की संस्थापिका डॉ. मल्लिका नड्डा ने स्मृति चिह्न और माता की चुनरियां भेंट कर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान, संयुक्त व्यापार मंडल के प्रधान नरेंद्र पंडित, प्रमोद शर्मा, ओम प्रकाश गर्ग, सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक अभिलाषा शर्मा, चेतना प्रशासक कश्मीर सिंह ठाकुर उपस्थित रहे। दुर्गा पूजा संयोजिका अभिलाषा शर्मा ने बताया कि 22 अक्तूबर को सुबह 9 बजे मां दुर्गा की महाअष्टमी विहित पूजा होगी। शाम 4 बजकर 52 मिनट पर संधी पूजन होगा। सुबह 11 बजे वसुधैव कुटुम्बकम विषय पर महिलाओं की रंगोली स्पर्धा भी होगी। दिन में विभिन्न महिला संगठनों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प के सामान की प्रदर्शनी भी लगेगी। शाम 7 बजे मुख्य आरती की जाएगी। संध्याकालीन कार्यक्रमों में भाषा एवं संस्कृति विभाग के सौजन्य से उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक कला केंद्र पटियाला के माध्यम से विभिन्न राज्यों के कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।