तीन नंबर के लिए प्रस्तावित लीड
दस्तावेज पूरे होने के बाद भी हर दिन कट रहे कई वाहनों के चालान
गरामोड़, गरा बघेरी बैरियर पर तकनीकी खामियों की मार
एक ही गाड़ी का सात बार चालान कर ठोका 28 हजार जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी/स्वारघाट। हिमाचल-पंजाब सीमा पर गरामोड़ के पास यातायात नियमों की निगरानी के लिए लगाए गए ऑनलाइन कैमरों की कार्यप्रणाली पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। दावे किए गए थे कि इन हाईटेक कैमरों से पारदर्शिता आएगी, लेकिन हकीकत इसके उलट है। तकनीकी खामियों के चलते दस्तावेज पूरे होने के बावजूद वाहन मालिकों के भारी-भरकम चालान काटे जा रहे हैं, जिससे लोगों में भारी रोष है। कसारू निवासी अखिल ने इस प्रणाली की पोल खोलते हुए बताया कि उनकी पिकअप गाड़ी नियमित रूप से पंजाब से हिमाचल आती-जाती है। बुधवार को जब उन्होंने ऑनलाइन चालान चेक किए तो उनके होश उड़ गए। उनकी गाड़ी पर 8, 9, 10 और 12 जनवरी को कुल सात चालान दर्ज किए गए थे। सभी चालान ‘बिना बीमा’ (इंश्योरेंस) के काटे गए हैं, जबकि गाड़ी का बीमा पूरी तरह वैध है। हर चालान चार हजार रुपये का है, जिससे कुल 28 हजार रुपये का जुर्माना बन गया। अखिल का कहना है कि यह आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक प्रताड़ना भी है। पीड़ित ने बताया कि जब वे इन चालानों को लेकर आरटीओ कार्यालय बिलासपुर पहुंचे, तो उन्हें कहा गया कि इन्हें निरस्त करवाने के लिए शिमला जाना पड़ेगा। स्थानीय चालकों का कहना है कि कई बार वाहन मौके पर मौजूद नहीं होता, फिर भी ओवर स्पीडिंग या अन्य कारणों से चालान जारी हो रहे हैं। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर ही गरा बघेरी आरटीओ बैरियर पर लगे ऑनलाइन कैमरे सिस्टम के डेटा अपडेट न होने के कारण उन गाड़ियों के भी चालान कट रहे हैं, जिनके कागजात पूरी तरह वैध हैं।
ताजा मामला स्वाहण निवासी डॉ. गुरनेत्र सिंह ठाकुर के साथ पेश आया है। डॉ. गुरनेत्र सिंह ने बताया कि उनकी गाड़ी के इंश्योरेंस, प्रदूषण, आरसी और लाइसेंस जैसे सभी कागजात पूरे हैं। उन्होंने अपनी गाड़ी का बीमा 5 जनवरी 2026 को ही रिन्यू करवा लिया था। 12 जनवरी को जब वे ड्यूटी के लिए तरसूह जा रहे थे, तो गरा बघेरी बैरियर क्रॉस करते ही उनके फोन पर चालान का मैसेज आया। जब उन्होंने चेक किया तो वह बिना बीमा का चालान था। डॉक्टर ने हैरानी जताते हुए कहा कि जब 5 तारीख को बीमा हो चुका था, तो 12 तारीख को चालान क्यों काटा गया? वाहन मालिकों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि इन ऑनलाइन कैमरों को या तो किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाए या फिर कागजों की जांच ढंग से करने के बाद ही चालान किए जाएं। बिना गलती के चालान कटने से लोगों का इस ऑनलाइन व्यवस्था से भरोसा उठ रहा है। अधिकारियों ने फिलहाल पीड़ित को व्हाट्सएप पर दस्तावेज भेजने को कहा है ताकि आगामी कार्रवाई की जा सके।
कोट
अगर तकनीकी खराबी से चालान गलत हुआ है, तो वाहन मालिक कार्यालय में आकर समस्या बता सकते हैं। जांच के बाद चालान निरस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। - राजेश कौशल, आरटीओ, बिलासपुर