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Bilaspur News: जर्जर नलवाड और घ्याणा पुल पर दौड़ रहे भारी ट्राले, हर पल हादसे का खतरा

Sun, 15 Feb 2026 11:03 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जुखाला क्षेत्र के पास स्थित नलवाड पुल। संवाद
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सिंगल लेन पुल पर दिन-रात जाम, कई बार टूट चुकी रेलिंग, नया पुल बनाने के आश्वासन अधूरे
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विभाग ने दोनों पुलों के निर्माण के लिए भेजा है प्रस्ताव

रजनीश शर्मा
मलोखर(बिलासपुर)। शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जुखाला क्षेत्र के पास स्थित नलवाड और घ्याणा पुल भारी वाहनों के दबाव से बदहाल हो चुके हैं। तंग और पुराने इन पुलों से रोजाना सीमेंट से लदे मल्टी एक्सल ट्रक और ट्राले गुजरते हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग और प्रशासन स्थिति को जानते हैं, फिररीाी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे।
नलवाड पुल शिमला की ओर जाने वाले मार्ग और रानीकोटला होते हुए औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाला अहम संपर्क बिंदु है। यहां से अल्ट्रा टेक सीमेंट और अंबुजा सीमेंट से जुड़े भारी वाहन लगातार गुजरते हैं। पुल सिंगल लेन और अत्यंत तंग होने के कारण दोनों ओर लंबा जाम लगा रहता है। मौके पर अलग-अलग समय पर हालात देखे गए तो पाया कि दोनों दिशाओं से तेज गति में वाहन आते हैं और पुल के पास पहुंचते ही अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं। कई बार वाहन आमने-सामने फंस जाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। घ्याणा पुल की स्थिति भी चिंताजनक है। स्थानीय लोगों के अनुसार पुल की रेलिंग कई बार टूट चुकी है और वाहन खड्ड में गिरने की घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसके बावजूद पुल के चौड़ीकरण या पुनर्निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। नलवाड़ चौक पर यात्रियों के लिए वर्षा शालिका तक नहीं बनाई गई है। छात्र और आमजन बारिश व धूप में खड़े रहने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि औद्योगिक ट्रैफिक के बावजूद यहां फ्लड लाइट तक नहीं लगाई गई, जिससे रात के समय खतरा और बढ़ जाता है। वर्षों से यहां जाम लगता रहा है और कई बार प्रशासनिक अधिकारी, नेता और मंत्री भी फंस चुके हैं।
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बता दें कि करीब दो वर्ष पहले नम्होल में एक कार्यक्रम के दौरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नलवाड़ और घ्याणा पुल बदलने के लिए बजट जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई प्रगति नहीं हुई। लोगों ने सरकार से जल्द बजट जारी कर नए पुलों का निर्माण शुरू करने की मांग की है। स्थानीय निवासी देशराज ठाकुर, पवन ठाकुर, शकुंतला शर्मा, सुमन, मनोहर, यशपाल शर्मा और विक्रम ठाकुर ने कहा कि पुल तंग, जर्जर और पुराना है, इसलिए इसे तुरंत बदला जाना चाहिए। उनका आरोप है कि विभाग किसी बड़े हादसे का
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कोट

दोनों पुलों के निर्माण के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। जैसे ही प्रस्ताव पारित होता है वैसे ही दोनों पुलों का निर्माण किया जाएगा। -जीत सिंह ठाकुर, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग बिलासपुर

शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जुखाला क्षेत्र के पास स्थित नलवाड पुल। संवाद

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