पिछले तीन दिन से हो रही भारी बारिश ने बिलासपुर में तबाही ला दी है। जिले की कई सड़कें तहस-नहस हो गई हैं। छह संपर्क सड़कों पर यातायात ठप पड़ गया है तो कई इलाकों में पेयजल योजनाएं ठप होने से पानी का संकट गहरा गया है। जिले के कई इलाकों में तीन मकान और छह गौशालाएं ध्वस्त हो गई हैं। बरठीं में एक बाइक और एक कार भूस्खलन की चपेट में आने से चकनाचूर हो गई। वहीं, घुमारवीं में पेयजल योजना में दिक्कत आने से पानी की सप्लाई ठप हो गई है।
नयनादेवी के तहत भाखड़ा-नंगल-नयनादेवी सड़क मार्ग पर भारी भूस्खलन हुआ। इससे इस रूट पर यातायात पूरी तरह से ठप पड़ा है। श्रद्धालुओं को वाया आनंदपुर होकर सफर करना पड़ रहा है। इसके अलावा कोठी-जंगल-मलोट, चौणता-धनी, गंगलोह-मलराओं, डाबला-मोरसिंघी, पंजपीरी-जनाली, बनेर-जगातखाना संपर्क सड़कें भी अवरुद्ध हो गईं हैं। राजस्व विभाग के मुताबिक जिले में इन तीन दिनों की अवधि में तीन मकान और छह गौशालाएं धवस्त हुई हैं।
एक मकान चांदपुर, एक लखनपुर, एक चम्योण में बारिश के कारण मलबे के ढेर में तबदील हो गया। जबकि पांच गौशालाएं चांदपुर, एक छत और एक समलेटा में ढह गई। शाहतलाई में सरहयाली खड्ड उफान पर आ गई है। खड्ड के किनारे बने तलाई के शमशानघाट का काफी हिस्सा बाढ़ में बह गया है।
आईपीएच की सिंचाई योजना को भी भारी क्षति पहुंची है। नगर पंचायत तलाई के उपाध्यक्ष पवन कौशल ने बताया कि शमशानघाट के साथ बच्चों के खेलने के लिए पार्क भी बाढ़ की भेंट चढ़ गया। बरठीं के तहत ग्राम पंचायत छत के संडियार गांव सुरेंद्र सिंह गौशाला क्षतिग्रस्त हुई है।
विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत बड़गांव के मस्तराम ने बताया कि दो माह पूर्व उन्होंने अपने मकान के साथ में एक आरसीसी डंगा लगाया था। उसके साथ ही उन्होंने अपनी बाइक (एचपी 23 सी 1454) और अपनी मारुति कार (एचपी 23 सी 1603) पार्क की थी। सुबह जोरदार धमाका हुआ।
पूरा डंगा उनकी कार पर गिर गया। इससे कार और बाइक तहस-नहस हो गई। पडयालग में लखवीर सिंह के मकान की दीवार गिर गई। परिवार के लोग उस वक्त खाना बना रहे थे। गनीमत रही कि दीवार के मलबे की चपेट में कोई नहीं आया। पंचायत उप प्रधान राजेश कुमार ने बताया कि मकान की दीवार गिरने से भारी नुकसान हुआ है। चम्यौण में लक्ष्मण दास का मकान भी बारिश के कारण जमींदोज हो गया।