- गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों के अमृत साबित होगी बरसात
- सूखी ठंड से होने वाली बीमारियों से भी मिलेगी निजात
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। जिले में करीब डेढ़ माह बाद वीरवार को जमकर बादल बरसे। बिलासपुर शहर सहित कई क्षेत्रों में ओले भी गिरे। यह बारिश गेहूं सहित अन्य फसलों के लिए अमृत के सामान साबित हुई है। खासकर उन इलाकों में जहां खेती पूरी तरह बारिश पर ही निर्भर है।
बारिश होने से किसानों ने बड़ी राहत महसूस की है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन तक बीच-बीच में हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। ऐसे में फसल की सिंचाई की जरूरत पूरी हो जाएगी। वीरवार तड़के ही जिले भर में बारिश शुरू हो गई। सुबह 9:00 बजे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। इसके बाद दोपहर करीब 1:30 बजे फिर बारिश शुरू हुई। इस दौरान बारिश के साथ ओले भी गिरे। यह सिलसिला शाम तक रहा। किसान नरेश कुमार, रोशन लाल, ओंकार सिंह, योगराज, तिलक राज, बासुदेव, हरी सिंह, सुनीत सिंह ने बताया कि यह बारिश खासकर गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगी। लंबे समय बारिश नहीं होने गेहूं की फसल पीली होने लगी थी, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई थी। बारिश होने के बाद गेहूं की फसल को पीले रतुआ की बीमारी होने से भी राहत मिलेगी। बता दें कि जिले में 25 हजार हेक्टेयर भूमि में करीब 60 हजार किसान परिवार गेहूं की बुवाई करते हैं। जिसमें मात्र 6 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा है। बाकी कृषि भूमि बारिश पर निर्भर है। जिले में अच्छी बारिश जनवरी के पहले सप्ताह में हुई थी।
उधर, बारिश होने से सूखी ठंड से भी लोगों को अब निजात मिली है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार अब लोगों को खांसी, जुकाम, बुखार अन्य छोटी-मोटी बीमारियों से राहत मिलेगी। वहीं, तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। वीरवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कोट
कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं की प्रभारी डॉ. सीमा शाह ने बताया कि यह बारिश फसलों के लिए फायदेमंद है। इससे जमीन में अंदर तक पानी चला जाता है। गेहूं की फसल में जल्द दाने बनने शुरू हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में पौधे की जड़ नम भूमि में रहनी चाहिए। इससे पौधे का विकास होगा और दाने अच्छे बनेंगे। इस समय सरसों में फूल आने लगे हैं। ऐसे में यह बारिश फायदेमंद है।