रविवार रात से मौसम ने ली करवट, 38 डिग्री के पार पहुंचे तापमान से मिली राहत
65 हजार किसान परिवारों को मिली उम्मीद,मक्की की फसल के लिए वरदान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। रविवार रात से शुरू हुई बारिश ने जिले में भीषण गर्मी का सिलसिला तोड़ दिया है। कई दिनों से तेज धूप और उमस से परेशान लोगों को मौसम बदलने से बड़ी राहत मिली। सोमवार सुबह से बादल छाए रहने और बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
पिछले एक सप्ताह से जिले का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा था। तेज धूप के कारण सुबह 10 बजे के बाद घर से बाहर निकलना मुश्किल था। दोपहर में सड़कें सूनी रहती थीं और लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलते थे। लगातार बढ़ती गर्मी से बिजली और पेयजल की मांग भी बढ़ गई थी। रविवार रात की बारिश ने वातावरण में ठंडक घोल दी। इससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। बाजारों, दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने सुहावने मौसम का आनंद लिया। बारिश का सबसे अधिक इंतजार किसानों को था।
किसानों को मिली संजीवनी
जिले में खरीफ सीजन की प्रमुख फसल मक्की की बुवाई 15 दिन पहले हो चुकी थी। पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में नमी की कमी बनी हुई थी। किसान बुवाई के बाद से ही बारिश का इंतजार कर रहे थे। अब अच्छी बारिश होने से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी। यह बारिश किसानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं मानी जा रही है।
मक्की की खेती का महत्व
जिले में करीब 65 हजार किसान परिवार खेती-किसानी पर निर्भर हैं। इनमें से अधिकांश किसान खरीफ सीजन में मक्की की खेती करते हैं। 30 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में मक्की की फसल उगाई जाती है। यह जिले की महत्वपूर्ण नकदी और खाद्यान्न फसलों में शामिल है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, करीब 80 फीसदी किसान वर्षा आधारित खेती करते हैं।
बिलासपुर में बारिश के बाद खेतों में जमा पानी। संवाद