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Bilaspur News: एक चिकित्सक के सहारे सीएचसी तलाई की स्वास्थ्य व्यवस्था

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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तलाई। संवाद
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तीन स्वीकृत पदों में से दो खाली, 27 हजार आबादी और श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी
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जनप्रतिनिधियों ने सरकार से जल्द नियुक्तियां करने की उठाई मांग

संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई (बिलासपुर)। क्षेत्र की करीब 27 हजार से अधिक आबादी और बाबा बालक नाथ मंदिर में प्रतिदिन पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सेवाओं का जिम्मा इस समय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तलाई में तैनात केवल एक चिकित्सक के कंधों पर है। तीन चिकित्सकों के स्वीकृत पदों वाले इस अस्पताल में दो पद लंबे समय से खाली पड़े हैं , जिससे मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। बरसात के मौसम में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ अस्पताल पर दबाव और अधिक बढ़ गया है।
सीएचसी तलाई झंडूता विधानसभा क्षेत्र की करीब 15 ग्राम पंचायतों के लगभग 20 हजार लोगों के साथ-साथ बड़सर विधानसभा क्षेत्र की चार ग्राम पंचायतों के करीब सात हजार लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराता है। इसके अलावा बाबा बालक नाथ मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भी स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में इसी अस्पताल पर निर्भर रहते हैं। बावजूद इसके अस्पताल में चिकित्सकों के दो पद रिक्त पड़े हैं। एकमात्र चिकित्सक पर ओपीडी से लेकर आपातकालीन सेवाओं तक का पूरा भार है। ऐसे में कई बार मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद अन्य अस्पतालों के लिए रेफर करना पड़ता है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है। नगर पंचायत तलाई के अध्यक्ष आनंद शर्मा और व्यापार मंडल तलाई के अध्यक्ष राजेश कौशल ने कहा कि अस्पताल में केवल चिकित्सकों की ही नहीं, बल्कि अन्य आवश्यक स्टाफ की भी कमी बनी हुई है। विशेष रूप से एक्स-रे ऑपरेटर का पद खाली होने से मरीजों को जांच के लिए अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त बर्बादी होती है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि सीएचसी तलाई में रिक्त दोनों चिकित्सकों के पदों के साथ-साथ एक्स-रे ऑपरेटर का पद भी प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए। उनका कहना है कि क्षेत्र की आबादी और धार्मिक महत्व को देखते हुए अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध होना बेहद जरूरी है।
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उन्होंने सुझाव दिया कि जब तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक पास स्थित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र के दो मंजिला भवन में खाली पड़े कमरों का उपयोग रात्रिकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किया जाए। इससे मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और अस्पताल में बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकेगा। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि समय रहते रिक्त पद नहीं भरे गए तो आने वाले दिनों में क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावित होंगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जनता की सुविधा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीएचसी तलाई में चिकित्सकों और अन्य आवश्यक कर्मचारियों की जल्द नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।
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