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Bilaspur News: बच्चे को कम से कम छह माह तक मां का दूध जरूर पिलाएं

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सीएचसी पंजगाईं में विश्व स्तनपान सप्ताह पर लगाया जागरूकता शिविर
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। स्वास्थ्य विभाग ने विश्व स्तनपान सप्ताह पर सीएचसी पंजगाईं में जागरूकता शिविर लगाया। स्वास्थ्य शिक्षक मस्तराम ने बताया कि आपने अकसर लोगों को यह बात कहते हुए सुना होगा कि मां का दूध शिशु के लिए अमृत समान होता है। मां का दूध पीने से शिशु को रोगों से लड़ने की क्षमता मिलती है और वह स्वस्थ बना रहता है। स्तनपान करवाने से न सिर्फ शिशु बल्कि मां को भी सेहत से जुड़े कई फायदे मिलते हैं। विश्व स्तनपान सप्ताह हर साल अगस्त के पहले सप्ताह में स्तनपान के महत्व पर जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। ब्रेस्ट फीडिंग करवाने से शिशु को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। स्तनपान से नवजात को शुरुआती छह महीनों तक सारे जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं। मां के दूध में उच्च प्रोटीन और रोग प्रतिरोधक क्षमता मौजूद होती है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स का परामर्श है कि बच्चे को छह महीनों तक मां का दूध जरूर पिलाना चाहिए।
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कई स्टडीज में यह बात सामने आई है कि जिन माताओं ने जल्दी ही अपने बच्चों को स्तनपान कराना बंद किया, उन्हें तनाव होने का खतरा ज्यादा रहा। वहीं कई महिलाओं ने ब्रेस्ट फीडिंग के दौरान तनाव घटने की बात स्वीकार की। अमेरिका के जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया है कि बच्चे को स्तनपान कराने वाली महिला के जीवन में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा 10 प्रतिशत तक कम हो जाता है। इस अवसर पर पुरुष स्वास्थ्य पर्यवेक्षक भूपेंद्र सिंह, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रियंका, हर्षा शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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