बरठीं (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता के बरठीं में डेंगू पैर पसारने लगा है। डेंगू, मलेरिया और फाइलेरिया की आशंका ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। बरठीं में वर्तमान में डेंगू के 12 मरीज मिल चुके हैं। इनमें फिलहाल 7 मरीजों की पुष्टि की गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने अब मच्छर जनित इन बीमारियों को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि 15 सितंबर तक इन बीमारियों के लिए बेहद संवेदनशील समय है। उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के बाद मौसमी बीमारी डेंगू ने बरठीं में पैर पसारना शुरू कर दिए हैं। वहीं, इन सबके बीच अब डेंगू के साथ-साथ मलेरिया, टायफाइड और फाइलेरिया का भी खतरा बना हुआ है।
वर्षा ऋतु में जलजनित बीमारियों के साथ ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। बारिश की वजह से जगह-जगह जलभराव हो जाता है। साथ ही अस्थायी गड्ढे बन जाते हैं, जिनमें पानी जमा हो जाता है। इसमें मच्छर के लार्वा पनपते हैं। ये ही डेंगू, मलेरिया और फाइलेरिया जैसी बीमारी की वजह बनते हैं। इन बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर इनके नियंत्रण के लिए कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत एंटी लारवा और दवा का छिड़काव करने के साथ दवाई का वितरण किया जा रहा है। साथ ही इन बीमारियों से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
सिविल अस्पताल बरठीं के चिकित्सक अरविंद टंडन ने बताया कि सात लोगों में डेंगू की बीमारी की पुष्टि हुई है, जिनका उपचार किया जा रहा है। अन्य आसपास के लोगों की भी जांच की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि डेंगू के बचाव के लिए पूरे बाजू वाले कपड़े पहनें, अपने आसपास बरसात का पानी खड़ा न होने दें। मच्छरदानी का प्रयोग करें, नालियों में गंदगी जमा न होने दें।