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Bilaspur News: डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क, कराई फॉगिंग

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- लारवा को पनपने से रोकने के लिए नगर परिषद के सहयोग से शहर में शुरू कराई फॉगिंग
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- अभी तक किसी मरीज की रिपोर्ट नहीं आई पॉजिटिव



संवाद न्यूज एजेंसी

बिलासपुर। प्रदेश के निचले क्षेत्रों में बरसात के मौसम में डेंगू फैलने का खतरा बना हुआ है। सिरमौर में तो डेंगू रोग से हाहाकार मचा हुआ है। अब बिलासपुर में भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने नगर परिषद बिलासपुर के सहयोग से फॉगिंग शुरू कर दी। ताकि डेंगू के लारवा को पनपने से रोका जा सके। फॉगिंग उन क्षेत्रों में की जा रही है जो पिछले कुछ साल से डेंगू से प्रभावित रहे हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया है। जिले में अभी डेंगू का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। विभाग की ओर से एहतियातन 283 लोगों के सैंपल भी लिए गए थे। किसी की भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। जिले में बिलासपुर शहर डेंगू से सबसे अधिक प्रभावित रहता है। इसलिए फॉगिंग अभियान भी शुक्रवार से यही से शुरू किया गया। इसके अलावा सभी स्वास्थ्य ब्लॉक में फॉगिंग मशीन तैनात की गई है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि बिलासपुर शहर में डेंगू से बचाव के लिए फॉगिंग की जा रही है। उन इलाकों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां डेंगू के मच्छरों के पनपने की संभावना अधिक है। उन्होंने लोगों ने अपील की है कि डेंगू से बचाव के तरीकों को अपनाएं। आसपास पानी एकत्रित नहीं होने दें। कूलर, टंकियों को सप्ताह में एक बार सफाई जरूर करें। बाहर जाने पर पूरी बाजू की शर्ट पहनकर निकलें।
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इनसेट

2018 में डेंगू ने बरपाया था कहर

साल 2018 में देशभर में डेंगू के मामलों में बिलासपुर चौथे नंबर रहा था। उस साल डेंगू ने जमकर कहर बरपाया था। करीब तीन हजार लोग इसकी चपेट में आए थे। सबसे अधिक प्रभावित शहर का डियारा सेक्टर हुआ था। डेंगू की रोकथाम के लिए वेक्टर कंट्रोल रिसर्च सेंटर पुडुचेरी के विशेषज्ञों की टीम को भी बुलाया गया था। हालांकि इसके बाद के वर्षों में स्वास्थ्य विभाग स्थानीय निकायों के सहयोग से डेंगू पर काबू पाने में कामयाब रहा है।



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डेंगू का कारण

डेंगू बुखार एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। मच्छर के काटने के करीब 3-5 दिनों के बाद मरीज में डेंगू बुखार के लक्षण दिखने लगते हैं। ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार चढ़ना, सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना, बहुत ज्यादा कमजोरी लगना, भूख न लगना, जी मिचलाना और मुंह का स्वाद खराब होना, गले में हल्का सा दर्द होना इसके लक्षण हैं।
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डेंगू से बचाव
मच्छरदानी का उपयोग करें, घर में या आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर का पानी रोज बदलें, पूरे बाजू के कपड़े पहनें, मच्छर से बचने वाले रिप्लेंट या कॉयल का प्रयोग करें, पानी की टंकी को ढक कर रखें, कीटनाशक और लार्वानाशक दवाइयों का छिड़काव करें, घर के आसपास सफाई बनाए रखने में जागरुकता फैलाएं, स्वस्थ खान पान वाली जीवनशैली अपनाएं, जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता अच्छी बनी रहे।
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