बिलासपुर। कोरोना काल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डियारा ने बिना टेंडर के ही करीब डेढ़ लाख रुपये के मास्क खरीदे लिए हैं। स्वास्थ्य केंद्र की आरकेएस की बैठक में इस राशि के लिए डाला गया प्रस्ताव पारित नहीं किया गया। मास्क किस राशि के तहत खरीदे गए, इसका रिकॉर्ड दर्ज नहीं पाया गया। इससे संबंधित चिकित्सक पर ही इस राशि की भरपाई का जिम्मा आ गया है।
जानकारी के मुताबिक करीब डेढ़ माह पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डियारा की आरकेएस की बैठक हुई थी। इसमें कई प्रस्ताव रखे गए थे। इनमें कुछ प्रस्ताव कार्यालय के छोटे कामों को लेकर थे। इनको आरकेएस की बैठक में पारित कर दिया गया है। बैठक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से डेढ़ लाख रुपये का सामान खरीदने के बाद बिल पास करने का प्रस्ताव रखा गया था। संबंधित चिकित्सक ने बिना टेंडर करवाए ही डेढ़ लाख के सिर्फ मास्क ही खरीद हैं। बैठक में आरकेएस के चेयरमैन ने इस प्रस्ताव को पारित नहीं किया, क्योंकि यह सामान नियमों को ताक पर रखकर खरीदा गया था।
नियमों के अनुसार एक लाख से ज्यादा की राशि का सामान खरीदने के लिए टेंडर जारी करने पड़ते हैं। लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं किया गया। अगर सामान एक लाख से कम का होता है तो उसे कोटेशन के आधार पर पारित कर दिया जाता है। लेकिन स्वास्थ्य केंद्र डियारा ने बिना टेंडर किए ही सामान की खरीदारी कर ली। एक तरफ विभाग के नियमों का उल्लंघन किया गया है। वहीं अब प्रस्ताव पारित न होने से अधिकारी को पैसे अपनी जेब से भरने पडे़ सकते हैं। (संवाद)
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खरीदारी नियमों के विरुद्ध : डॉ. श्याम वर्मा
आरकेएस कमेटी के चेयरमैन बीएमओ मार्कंडेय डॉ. श्याम वर्मा ने कहा कि विभागीय नियमों के अनुसार एक लाख से अधिक के सामान को बिना टेंडर जारी किए नहीं खरीदा जा सकता है। वहीं पीएचसी डियारा ने जो खरीदारी की है वह नियमों के विरुद्ध है। इसका खुलासा आरकेएस की बैठक में हुआ है। इसी कारण इस प्रस्ताव को पास नहीं किया गया है।
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छानबीन के बाद होगी कार्रवाई : डॉ. प्रकाश दड़ोच
सीएमओ बिलासपुर डॉ. प्रकाश दड़ोच ने बताया कि इस संबंध में पूरी छानबीन की जाएगी। इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।