बिलासपुर। जिले में अब 80 लोगों ने कोरोना को मात दी है और 68 का उपचार चल रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश दड़ोच ने बताया कि जिले से अब तक 7457 लोगों के सैंपल कोविड-19 की जांच के लिए आईजीएमसी लैब शिमला भेजे गए। इनमें से 7157 की रिपोर्ट निगेटिव आई है और 148 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
उन्होंने बताया कि बाहरी जिलों और राज्यों से लोगों का आना-जाना लगातार जारी है। सभी लोगों की बॉर्डर पर स्वास्थ्य जांच की जा रही है और सरकार के आदेशानुसार जो लोग हाईलोड़ क्षेत्र से आ रहे हैं उन्हें संस्थागत संगरोध में रखा जा रहा है। 5 से 7 दिनों के अंदर उनका कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही उन्हें गृह संगरोध में भेजा जा रहा है। बाकी को चिकित्सक की अनुमति के हिसाब से क्वारंटीन किया जा रहा है। बताया कि जिला बिलासपुर में कोविड-19 की सैंपलिंग की औसत 19.2 प्रति हजार व्यक्ति है। जबकि कि राष्ट्रीय औसत 17.4 है। उन्होंने बताया कि सैंपलिंग की औसत में प्रदेश में जिला बिलासपुर छठे स्थान पर है। बताया कि जिला बिलासपुर में जिन लोगों को संस्थागत संगरोध में रखा जाता है उनका प्रतिदिन चिकित्सा अधिकारी और हेल्थ सुपरवाइजर द्वारा निरीक्षण किया जाता है। इसी प्रकार गृह संगरोध में रखे गए लोगों के स्वास्थ्य का निरीक्षण प्रतिदिन दो बार स्वास्थ्य कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता द्वारा किया जाता है।
उन्होंने बताया कि इस इन स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को सभी प्रकार की आवश्यक सुविधाएं जैसे मास्क, गल्बज, सैनिटाइजर आदि दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि बिलासपुर में सैंपल लेने की व्यवस्था हिमाचल प्रदेश सरकार के नियमों के अनुसार योजनाबद्ध तरीके से की जा रही है। उन्होंने जनता से अनुरोध किया है कि किसी भी कोरोना पीड़ित से भेदभाव न करें। उनके साथ अच्छा व्यवहार करें और हर तरह से उसकी मदद करें। कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेने से बचें। बिना मास्क घर से बाहर न निकलें। अस्पतालों में बहुत जरूरी होने पर ही जाएं। अनावश्यक भीड़ न करें। अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही अफवाहें फैलाएं।