फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तब्लीगी जमात के 9 लोगों के घुमारवीं में रुकने से मचा हड़कंप

विज्ञापन
विज्ञापन
घुमारवीं(बिलासपुर)। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में लगे लॉकडाउन के दौरान दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से निकली खबर ने जहां पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है वहीं तब्लीगी जमात के 9 लोगों के घुमारवीं में रुकने से घुमारवीं क्षेत्र में भी दहशत का माहौल बना हुआ है। यह सभी लोग दिल्ली में आयोजित हुए एक बड़े धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वापस लौटे थे। जानकारी के मुताबिक 10 मार्च को ये 9 लोग दिल्ली से मंडी पहुंचे। उसके बाद ये लोग मंडी से घुमारवीं पहुंचे थे।
विज्ञापन

बताया जा रहा है कि यह लोग कुछ दिन घुमारवीं की मस्जिद में भी रुके। बीती रात घुमारवीं के एसडीएम शशिपाल शर्मा ने पुलिस टीम के साथ घुमारवीं की मस्जिद तथा मुस्लिम बस्ती में पहुंचे। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि दिल्ली से लौटे यह 9 लोग मुस्लिम बस्ती के 3 लोगों के संपर्क में आए थे। स्थानीय प्रशासन ने इन 3 लोगों को क्वारंटीन कर दिया है। क्वारंटीन किए गए लोगों में मस्जिद का मौलवी, एक दुकानदार तथा जमात का जिम्मेदार शामिल है।
एसडीएम शशिपाल शर्मा ने बताया कि इन तीन लोगों में अभी तक कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इन तीनों लोगों को होम क्वारंटीन कर दिया गया है। शशिपाल शर्मा ने बताया कि अभी तक जांच चल रही है। यह तीन लोग किन-किन लोगों के संपर्क में आए हैं। इस बात की भी छानबीन चल रही है। यदि और लोग इनके संपर्क में पाए जाते हैं तो उन्हें भी क्वारंटीन कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

इनसेट--
क्वारंटीन किया गया मौलवी बाजार में खुले में घूम रहा
क्वारंटीन किया गया मौलवी बाजार में खुले आम घूम रहा है। बुधवार को भी घुमारवीं बस अड्डे के पास की दुकानों में देखा गया है। ऐसे में सवाल उठाता है कि क्वारंटीन किया गया व्यक्ति जिस प्रकार से खुले में घूम रहा है उससे और लोगों को भी संक्रमण हो सकता है लेकिन इसके बाद भी सरकारी अमला कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
इनसेट---
सरकार के आदेश के बाद भी सैकड़ों लोग जमा हुए थे बिलासपुर में
बेशक यह लोग सुमालिया देश जाने की बात कर रहे हैं और दिल्ली की उस मस्जिद में न जाने की बात कर रहे हैं पर प्रश्न उत्पन्न यह होता है कि यह सभी लोग दस दिन तक घुमारवीं मस्जिद में रुके और दो बार जुमे की नवाज अदा की जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग भी लिया है। ‘अमर उजाला’ ने 21 तारीख को प्रकाशित अखबार में सरकार व स्थानीय प्रशासन के अवहेलना तथा जुमे की नवाज अदा करने का मुद्दा उठाया था। उसके बाद भी प्रशासन हाथ पे हाथ धरा बैठा रहा है। सरकार के आदेशों के अनुसार जब लॉकडाउन हुआ तो मंदिरों के कपाटों पर भी ताले लग गए थे,लेकिन मस्जिदों में जुमे की नवाज आराम से अदा की गई। अगर उस समय स्थानीय प्रशासन ने सख्ती से सरकार के आदेशों की पालना की होती तो जो लोग होम क्वारंटीन में भेजे हैं तथा उनके संपर्क में जितने लोग आए वह डर के साये में नहीं जी रहे होते।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें