बिलासपुर के नाले का नौण के पास लोगों द्वारा फेंका गया कूड़ा जो जाकर सतलुज नदी में मिल रहा है।
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बिलासपुर। बिलासपुर शहर में लगभग 15 दिन से कूड़ा नहीं उठ रहा है। वहीं लोगों ने अपने घरों का कूड़ा रात के अंधेरे में शहर में इधर-उधर फैलाना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं गोबिंद सागर झील के समीप नाले का नौण में भी कूड़े का अंबार लगा है। ग्राम पंचायत और नगर परिषद की लड़ाई में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे नंबर पर रहने वाला शहर गंदगी के ढेर में तब्दील हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि शहर से उठाया गया कूड़ा खैरियां डंपिंग साइट पर डंप होता था लेकिन पिछले कुछ महीनों से खैरियां और बामटा पंचायत के ग्रामीणों व पंचायत प्रतिनिधियों ने डंपिंग साइट पर कूड़ा डंप करना बंद करवा दिया है। जैसे-तैसे नगर परिषद ने कुछ दिन शहर से कूड़ा उठाया लेकिन अब पिछले करीब 15 दिन से शहर से कूड़ा उठना बिल्कुल बंद हो गया है। इसके चलते लोग रात के अंधेरे में शहर में यहां-वहां कूड़ा फेंक रहे हैं।
जबकि नगर परिषद इस पर बिल्कुल खामोश है। वहीं नगर परिषद और ग्राम पंचायतों की लड़ाई कहीं शहर में किसी नई बीमारी को न्योता न दे दें। वहीं यह लड़ाई शहर वासियों के लिए बड़ी परेशानी बन कर उभरी है।
बता दें कि बिलासपुर शहर देश भर में तीसरे नंबर पर साफ सुथरे शहर का अवार्ड हासिल कर चुका है लेकिन मौजूदा हालात ऐसे हैं कि शहर की हर गली कूड़े से भरी है। वहीं बिलासपुर शहर के साथ लगती गोबिंदसागर झील के साथ नाले के नौण में भी लोगों ने कूड़ा फेंकना शुरू कर दिया है जिससे वहां खुले में कूड़े का ढेर लग गया है। वहीं कूड़े की गंदगी सीधी सतलुज नदी में मिल रही है। अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाला समय बिलासपुर वासियों के लिए स्वास्थ्य और सफाई की दृष्टि से सोचनीय होगा। नगर परिषद की कार्यकारी अध्यक्ष उर्वशी वालिया ने कहा कि मामला प्रशासन के ध्यान में हैं। कहा कि प्रशासन इस पर काम कर रहा है और जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा।