बिलासपुर। जिले के एक मरीज में मलेरिया के लक्षण पाए गए हैं। इस बात का पता तब चला जब मरीज शहर के एक निजी क्लीनिक में अपनी जांच करवाने के लिए आया हुआ था। चिकित्सक द्वारा उसके टेस्ट करवाए गए जिसमें मरीज में मलेरिया के लक्षण की पुष्टि हुई है।
वहीं, बरसात के मौसम में सबसे ज्यादा बिलासपुर जिले में डेंगू फैलने का भय बना हुआ है, लेकिन इस बार पहले ही चरण में मलेरिया रोग का मरीज सामने आया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है क्योंकि इससे पहले बिलासपुर जिला में डेंगू रोग सबसे अधिक था और अब मलेरिया का पहला मरीज आ गया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इस बार शुरूआती चरण में ही डेंगू रोग के बचाव व लक्षण के बारे में जिलेभर में जागरूकता सहित जांच करना शुरू कर दिया है। वहीं, अब मलेरिया का एक लक्षण पाए जाने से जिलेभर में अलर्ट भी जारी कर दिया है।
हालांकि अभी तक इस मरीज को जिला अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया है। मरीज का इलाज शहर के एक निजी क्लीनिक में किया जा रहा है लेकिन निजी क्लीनिक संचालक ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दे दी है।
गौरतलब है कि पिछले साल की बात की जाए तो जनवरी माह से बिलासपुर शहर में डेंगू रोग ने अपने पांव पसारना शुरू कर दिए थे। इसके चलते यह आंकड़ा अगस्त माह तक 2 हजार के करीब पहुंच गया था जिसमें दो लोगों की मौत भी हो गई थी। वहीं, सबसे हैरान करने की बात यह थी कि हिमाचल प्रदेश पूरे भारत में चौथे नंबर पर डेंगू रोग को लेकर था जिसको लेकर यहां पर दिल्ली, कांगड़ा, पुडूचेरी से वैज्ञानिक बिलासपुर पहुंचे हुए थे जिन्होंने यहां पर डेेंगू मच्छर की जांच की और यहां पर फैले रोग के बारे सारी जानकारी जुटाई। ऐसे में तकरीबन एक माह बाद विशेषज्ञों ने बिलासपुर स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट दी थी कि अगले सत्र अगर फिर से यहां डेंगू फैलता है तो यह खतरनाक हो सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने पिछले सत्र से अपनी तैयारियां पूरी करके डेंगू रोग की रोकथाम के लिए जागरूकता फैलाना शुरू कर दी जिससे अभी तक जिला में एक भी डेंगू का मामला सामने नहीं आया है लेकिन मलेरिया का पहला मामला सामने आने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।
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मलेरिया के रोगी की जानकारी मिली है
मलेरिया का एक रोग मामला सामने आने की जानकारी है। विभाग की तैयारियां पूरी है, अभी तक जिला में डेंगू का मामला एक भी नहीं आया है।
डॉ. परविंद्र सिंह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी बिलासपुर