आपातकालीन ब्लॉक में मधुमेह, कैंसर, एनीमिया की रोकथाम के बारे में किया जागरूक
रेजिडेंट, इंटर्न ने की स्तन, गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर और क्षय रोग की स्क्रीनिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान के तहत महिला स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए 21 और 22 सितंबर को कई गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यकारी निदेशक डॉ. डीएन शर्मा के नेतृत्व में हुए कार्यक्रमों में स्वास्थ्य शिविर, स्क्रीनिंग, टीकाकरण और परामर्श सत्र शामिल रहे।
समुदाय एवं परिवार चिकित्सा विभाग की टीम ने अस्पताल के हिंद लैब के पास, अमृत फार्मेसी, जन औषधि केंद्र, ओपीडी ब्लॉक और आपातकालीन ब्लॉक के पास लाभार्थियों और उनके परिवारों को पोषण, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर और एनीमिया जैसी बीमारियों की रोकथाम और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी दी। पहले दिन कुल 18 लाभार्थियों 7 महिलाएं और 11 पुरुष को परामर्श प्रदान किया गया। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने महिला मरीजों को गर्भावस्था देखभाल परामर्श, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हीमोग्लोबिन की जांच और पोषण संबंधी सुझाव दिए। दूसरे दिन फैकल्टी, रेजिडेंट और इंटर्न्स ने मार्कंड अस्पताल, रौड़ा, अन्य टीकाकरण क्लीनिक और पारिवारिक भ्रमण के माध्यम से कुल 63 लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान कीं। महिलाओं का टीकाकरण किया गया और टीकाकरण क्लीनिक के बाहर स्वास्थ्य जागरुकता सत्र आयोजित किया। लाभार्थियों की एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मुंह, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर और क्षय रोग की स्क्रीनिंग की गई। साथ ही पोषण, मुख स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श भी उपलब्ध कराया गया। ओपीडी क्षेत्र में नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के प्रति मरीजों और उनके परिजनों को जागरूक किया गया। कैंसर और टीबी की स्क्रीनिंग, गर्भावस्था देखभाल परामर्श, पोषण, हीमोग्लोबिन, मानसिक स्वास्थ्य और मुख स्वास्थ्य परामर्श महिला मरीजों के लिए उपलब्ध कराया गया। एम्स के कुलसचिव एवं सहायक जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि अभियान का उद्देश्य महिलाओं और परिवारों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें सशक्त बनाना है।