- पान मसाला की आड़ में की जा रही तंबाकू के पैकेट की सप्लाई
प्रदेश में प्रतिबंध के बाद भी ब्लैक में जमकर हो रही बिक्री
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। जिले में धड़ल्ले से गुटका-खैनी जैसे तंबाकू उत्पाद बिक रहे हैं। नामी कंपनी के पान-मसाला की आड़ में दुकानों में तंबाकू, खैनी और अन्य प्रतिबंधित उत्पाद पहुंचाए जा रहे हैं। इस धंधे के कारण जहां सरकार को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। वहीं, छोटे बच्चे भी गुटका खाने की लत में पड़ रहे हैं। प्रदेश में में गुटका-खैनी जैसे तंबाकू उत्पाद प्रतिबंधित हैं।
जानकारी के अनुसार पान मसाले के साथ अलग से छोटे पाउचों में तंबाकू भी आ रहा है। यह तंबाकू पान-मसाले में मिलाया जाता है और चार गुना दाम पर ब्लैक में बेचा जा रहा है। यही नहीं स्कूलों, कॉलेजों के नजदीक धड़ल्ले से खैनी और तंबाकू के पैकेट बिक रहे हैं। युवा नशे के आदी हो रहे हैं। घुमारवीं, बिलासपुर, शाहतलाई, भराड़ी, डंगार, लदरौर, बम्म, कुठेड़ा, बरठीं, कंदरौर, भगेड़, गेहड़वीं आदि कस्बों में गुटका, खैनी, तंबाकू सरेआम बिक रहे हैं। दुकानों में पहुंच रही खैनी और जर्दे के पैकेट बीस से तीस रुपये में बिक रहे हैं, जबकि बाहरी राज्यों में इनकी असली कीमत 4 से 5 रुपये होती है। पांच रुपये में बिकने वाला पान मसाला यदि तंबाकू के साथ चाहिए तो इसकी कीमत 10 रुपये हो जाती है। ऐसे में जहां दुकानदार दोगुनी कमाई कर रहे हैं। वहीं गुटका खैनी भी युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि नामी कंपनी का पान मसाला बेचने वाले कारोबारी इस धंधे में जुड़कर गुटका और खैनी दुकानों तक पहुंचा रहे हैं। बाहरी राज्यों से ट्रांसपोर्ट के जरिए आसान तरीके से यह प्रतिबंधित गुटके और खैनी जिले में पहुंच रहे हैं। लोगों ने सरकार से मांग की है कि जिले भर के विभिन्न कस्बों, स्कूल के नजदीक बिक रहे गुटका और खैनी जैसे उत्पादों का बिकना बंद कराया जाए, ताकि युवा पीढ़ी और बच्चे इस नशे से बच सकें।
कोट्स
एसडीएम घुमारवीं गौरव चौधरी ने कहा कि तंबाकू जैसे प्रतिबंधित उत्पाद बेचना कानूनन अपराध है। इसको रोकने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। पुलिस को भी इस संबंध में कार्रवाई करने के आदेश दिए जाएंगे।