- ऐसे महान संतों को किसी जाति या धर्म तक सीमित करना उचित नहीं : दिला राम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला भाषा एवं संस्कृति विभाग के सौजन्य से उपमंडल घुमारवीं के देहरा हटवाड़ में गुरु रविदास का प्रकाश पर्व मनाया गया। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक वर्ग संयुक्त संघर्ष मोर्चा घुमारवीं खंड के प्रधान दिला राम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
दिला राम धीमान ने कहा कि गुरु रविदास सामाजिक समरसता के प्रतीक थे और उन्होंने जीवनभर सामाजिक कुरीतियों को मिटाने के लिए कार्य किया। उन्होंने कहा कि ऐसे महान संतों को किसी जाति या धर्म तक सीमित करना उचित नहीं है, क्योंकि उनकी शिक्षाएं सभी के लिए मार्गदर्शक हैं। इस अवसर पर भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। दोपहर बाद अटूट भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें कोट, देहरा, हटवाड़, कुठेड़ा, सलाओं, जाहू, मैहरी टांडा और हाड़ सहित आसपास के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने संत रविदास, संत कबीर, महर्षि वाल्मीकि और संत नामदेव के जीवन से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंगों को साझा किया। इस मौके पर जय राम, कौल सिंह, सूंका राम, मनजीत सिंह, दिनेश कुमार, चमन लाल, पुष्पा देवी, कमला देवी, अमरजीत, कश्मीर सिंह, तारा देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।