हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में आयोजित कार्यशाला में वक्ता को सम्मानित करते आयोजक। स्रोत: क
हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज में पांच दिवसीय आईओटी कोर्स संपन्न
32 प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण, साझा किए अनुभव
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में पांच दिवसीय शॉर्ट टर्म कोर्स (एसटीसी) इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) एवं इसके अनुप्रयोग कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हो गया। यह कार्यक्रम एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ के सहयोग से आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से 32 प्रतिभागियों ने भाग लिया। पांच दिन तक चले इस कोर्स में प्रतिभागियों को आईओटी की आधुनिक तकनीकों और उनके व्यावहारिक उपयोगों की विस्तृत जानकारी दी गई। समापन अवसर पर सीएसआईओ चंडीगढ़ के मुख्य वैज्ञानिक डॉ.बब्बन कुमार ने वास्तविक जीवन में आईओटी के उपयोग विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में आईओटी तकनीक उद्योग, शिक्षा और दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कॉलेज के निदेशक-सह-प्राचार्य प्रो. उमेश चंद राठौर ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने में सहायक होते हैं और नई तकनीकों को समझने का बेहतर अवसर प्रदान करते हैं। समन्वयक डॉ. अभिषेक धीमान ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी प्रतिभागियों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया। वहीं इंजीनियर निखिल ने बताया कि इस कोर्स के माध्यम से प्रतिभागियों को आईओटी के प्रायोगिक पहलुओं को समझने का उत्कृष्ट अवसर मिला। वहीं प्रतिभागियों ने बताया कि इससे उन्हें शिक्षण और अनुसंधान कार्य के लिए व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ।