1008 दीपों से जगमगाया धौलरा मंदिर, बंगाल के कारीगरों ने तैयार कीं मां दुर्गा समेत देवी-देवताओं की प्रतिमाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मां दुर्गा की उपासना का प्रतीक बिलासपुर का प्रसिद्ध शारदोत्सव रविवार को अपने 25वें वर्ष में प्रवेश कर गया। बाबा नाहर सिंह बजिया मंदिर धौलरा में शारदोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। इस दौरान शंख, घंटियों और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर से धौलरा मंदिर तक करीब दो किलोमीटर लंबी शोभायात्रा निकाली गई। दुर्गापूजा की संस्थापिका एवं विशेष ओलंपिक भारत की राष्ट्रीय अध्यक्षा डॉ. मल्लिका नड्डा की अगुवाई में निकली यात्रा में पीले वस्त्र धारण किए 251 महिलाओं ने सिर पर जल कलश उठाकर नंगे पांव भाग लिया।
शारदोत्सव के लिए बंगाल से आए कारीगरों ने मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा तैयार की है। शेर पर सवार होकर महिषासुर का वध करती मां दुर्गा के साथ मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की आकर्षक प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। इन प्रतिमाओं ने मंदिर परिसर को भव्य स्वरूप प्रदान किया है। शोभायात्रा में सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल, नगर परिषद अध्यक्ष जमुना देवी, उपाध्यक्ष नरेंद्र पंडित और भाजपा जिला अध्यक्ष कृष्ण लाल चंदेल सहित कई लोग शामिल हुए।
समाजसेवी एवं अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा तथा व्यवसायी कमलेंद्र गौतम और स्वाति गौतम ने मुख्य यजमान की भूमिका निभाई। उन्होंने गोबिंद सागर झील के मध्य से जल कलश भरकर लाए और विधि-विधान से मां दुर्गा के समक्ष स्थापित किया। इस अवसर पर मां दुर्गा के सम्मुख धान और जौ भी बोए गए।
कलश स्थापना के दौरान जबली स्थित महर्षि वेदव्यास गुरुकुलम के 14 शिष्यों ने आचार्य प्रशांत पाठक की अगुवाई में महिषासुर स्तोत्र का सामूहिक गायन किया। दिल्ली से आए अजय भाई ने देवी शक्ति गाथा प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।
नवरात्र के पहले दिन गायत्री परिवार की ओर से दीप यज्ञ आयोजित किया गया। प्रधान ट्रस्टी प्रेम लाल शर्मा की देखरेख में 1008 दीपों की दीपमाला सजाई गई। मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना भी की गई। शिमला से आए पुजारी सुधांशु शेखर भट्टाचार्य और बंगाल से आए पुजारी तनय ने विधिवत पूजा संपन्न करवाई।