मांगे पूरी न करने पर विधानसभा का करेंगे घेराव : यूनियन
जिला मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर की चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी बिलासपुर। परिधि गृह बिलासपुर में जिला मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू की बैठक शनिवार को प्रधान इंद्र पाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मिड-डे मील वर्करों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान फैसला लिया गया कि यदि सरकार ने मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन की मांगों को नहीं माना तो आने वाले बजट सत्र में विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
बैठक में विशेष रूप से मौजूद सीटू राज्य कोषाध्यक्ष जगत राम, जिला अध्यक्ष लखन पाल और जिला महासचिव विजय शर्मा ने कहा सरकार ने 16 सालों से मिड डे मील वर्कर के वेतन में एक रुपये तक की बढ़ोतरी नहीं की है। मिड डे मील योजना में बजट में लगातार कटौती की जा रही है, ताकि मिड-डे मील योजना को कमजोर किया जा सके। मिड डे मील योजना को एनजीओ के हवाले किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट की ओर से फैसला दिया गया कि मिड डे मील वर्करों को 10 महीने के बजाय 12 महीने का वेतन दिया जाए। हिमाचल प्रदेश सरकार 12 महीने का वेतन देने के फैसले लागू नहीं कर रही है। मिड-डे मील वर्कर्स को कोई छुट्टियां नहीं दी जातीं। यूनियन के पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की है कि मिड डे मील वर्कर्स को 12500 रुपए मासिक वेतन 10 महीने के बजाय 12 महीने का वेतन देने, मिड-डे मील वर्कर्स को आंगनबाड़ी की तर्ज पर 20 आकस्मिक अवकाश देने, मिड-डे मील वर्करों को प्रतिमाह पहली तारीख को पूरा वेतन देने और मिड-डे मील वर्कर्स को रिटायरमेंट पर पेंशन लागू की जाए।
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इंद्रपाल बने यूनियन के जिला अध्यक्ष
बैठक के दौरान जिला बिलासपुर मिड डे मील वर्कर्स यूनियन ने नई कार्यकारिणी का गठन किया। इसमें इंद्रपाल को अध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा सरला देवी को महासचिव, विजय कुमारी को कोषाध्यक्ष, प्रेमी देवी उप प्रधान, कश्मीरी देवी उप प्रधान, चंद्रकांता उपप्रधान, नीलम सचिव प्रमिला सचिव और सावित्री को सचिव चुना गया ।