मंत्री धर्माणी बोले, हिमाचल को ग्रीन स्टेट बनाने की दिशा में काम कर रही सरकार
ऊर्जा परियोजनाओं से सालाना मिलेगा 11 करोड़ का राजस्व
ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी परियोजनाओं पर हो रहा है काम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल में भविष्य में हाईड्रोजन ईंधन से बसें चलेंगी। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा है कि कांग्रेस सरकार ने हिमाचल को ग्रीन स्टेट बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए ई-टैक्सी सेवाएं शुरू की गई हैं। हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम (एचआरटीसी) को 517 करोड़ रुपये की इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के लिए धनराशि प्रदान की गई है।
सरकार के दो साल पर 11 दिसंबर को होने वाले समारोह की तैयारी का जायजा लेने के लिए वीरवार को बिलासपुर पहुंचे तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इससे भविष्य में प्रदेश में हाइड्रोजन बसों का संचालन संभव होगा। इसके अलावा, छह ग्रीन कॉरिडोर स्थापित किए गए हैं, जिनमें इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ऊर्जा क्षेत्र में भी सरकार सौर ऊर्जा परियोजनाओं को स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिससे हर साल 11 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।
उन्होंने बताया कि काजा में स्थापित होने वाली परियोजना में बैटरी स्टोरेज की सुविधा भी होगी, जो ऊर्जा सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगी। मंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने संसाधनों से 2023-24 वित्त वर्ष में 2600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व जुटाया है। पहली बार शराब की बोतलों पर मिल्क सेस लगाकर किसानों को आर्थिक लाभ देने की पहल की है। राजस्व मामलों के समाधान के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें सवा दो लाख मामलों का निपटारा किया गया। एचआरटीसी में स्टाफ की कमी को दूर करने और अन्य विभागों में भर्तियों के जरिए करीब 31 हजार पद भरे जा चुके हैं या प्रक्रिया में हैं।