सरकारी-निजी संस्थानों में प्रसव का वास्तविक अनुपात जुटा रहा स्वास्थ्य विभाग, कारणों का भी होगा विश्लेषण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में होने वाले प्रसव में निजी अस्पतालों की हिस्सेदारी 30 से 40 फीसदी तक होने का प्रारंभिक अनुमान है। स्वास्थ्य विभाग अब सरकारी और निजी संस्थानों में प्रसव का वास्तविक अनुपात तैयार कर रहा है। यह प्रक्रिया तकनीकी शिक्षा मंत्री के निर्देश के बाद शुरू की गई है।
विभाग निजी संस्थानों से वर्षवार और संस्थानवार आंकड़े जुटा रहा है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद महिलाएं निजी संस्थानों या घर पर प्रसव को क्यों प्राथमिकता दे रही हैं। निजी अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों और मरीजों की पसंद समेत अन्य पहलुओं का भी अध्ययन किया जाएगा।
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में वर्ष 2024-25 में 762 प्रसव हुए। इनमें 627 सामान्य और 135 सिजेरियन प्रसव शामिल हैं। वर्ष 2025-26 में 668 प्रसव हुए, जिनमें 497 सामान्य और 171 सिजेरियन रहे। जुलाई 2026 तक वर्ष 2026-27 में 179 प्रसव दर्ज किए गए हैं। इनमें 138 सामान्य और 41 सिजेरियन प्रसव हैं।
एम्स बिलासपुर समेत जिले के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव सेवाओं का विस्तार हो रहा है। सीएमओ शशि दत्त शर्मा ने बताया कि घुमारवीं में स्त्री रोग सुविधा शुरू होने से सरकारी अस्पतालों में प्रसव का आंकड़ा बढ़ा है। आंकड़े तैयार होने के बाद सरकारी और निजी संस्थानों में प्रसव की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।