बिलासपुर। आपदा पुनर्निर्माण के लिए स्वीकृत पीडीएनए फंड के इस्तेमाल को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार को घेरा है। भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं विधायक त्रिलोक जमवाल ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर भूस्खलन न होने के बावजूद कागजों में स्लिप दिखाकर टेंडर बनाने और पर्याप्त काम किए बिना बिलों का भुगतान करने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और धनराशि का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की। जमवाल ने कहा कि वर्ष 2023 की आपदा के बाद केंद्र सरकार ने हिमाचल में पुनर्निर्माण कार्यों के लिए 2006.40 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की थी।
इसमें दूसरी किस्त के तहत विभिन्न विभागों के लिए 753.29 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। लोक निर्माण विभाग को 487.80 करोड़ और जल शक्ति विभाग को 176.48 करोड़ रुपये मिले। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राशि स्वीकृत होने के बावजूद प्रदेश में सड़कें बदहाल क्यों हैं और लोगों को गड्ढों व बाधित यातायात की समस्या से क्यों जूझना पड़ रहा है।
उन्होंने अगस्त 2026 में 259 सड़कों के अवरुद्ध होने और सितंबर में ठियोग व किन्नौर के पूह क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर यातायात बाधित होने का हवाला दिया।
उन्होंने सरकार से पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति और खर्च का ब्योरा मांगा। जमवाल ने मांग की कि सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में स्वीकृत राशि, टेंडर, ठेकेदारों और भुगतान का विवरण सार्वजनिक किया जाए।
संदिग्ध कार्यों का विशेष ऑडिट और मौके पर भौतिक सत्यापन करवाकर विधानसभा क्षेत्रवार श्वेतपत्र जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। संवाद