जांच में वित्तीय गबन का कोई मामला सामने नहीं, एनएचएआई रिपोर्ट का इंतजार, कार्रवाई संभव
दूसरी पंचायत के मामले में मोहर के इस्तेमाल पर जताई आपत्ति
जिला पंचायत अधिकारी ने औहर पंचायत उप प्रधान पर की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत औहर के उप प्रधान को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर दूसरी पंचायत में जाकर बयान देने के मामले में जिला पंचायत अधिकारी की ओर से चेतावनी जारी की गई है। यह कार्रवाई खंड विकास अधिकारी, घुमारवीं की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
शिकायतकर्ता ने शिकायत दी थी कि उप प्रधान ने ग्राम पंचायत बकरोआ की निवासी के कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के लिए अधिकृत मकान को गिराने से जुड़े मामले में एनएचएआई अधिकारियों के समक्ष गलत पुष्टि करते हुए बयान दिया। जांच में यह पाया गया कि उप-प्रधान ने दूसरे ग्राम पंचायत के निवासी के मामले में अपने पद की मोहर का इस्तेमाल किया, जो उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर था।
जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय की ओर से इस संबंध में 6 जून 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका जवाब 21 जून 2025 को प्राप्त हुआ। बाद में तथ्यों की पुष्टि के लिए एनएचएआई के परियोजना निदेशक, मंडी से जानकारी मांगी गई, लेकिन तीन स्मरण पत्र भेजने के बावजूद अब तक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो पाई है। जिला पंचायत अधिकारी की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मामले में किसी भी प्रकार के वित्तीय गबन या अनियमितता के तथ्य सामने नहीं आए हैं। हालांकि उप प्रधान की ओर से अपने कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर बयान देना और पद की मोहर का उपयोग करना उनके कर्तव्यों के प्रति लापरवाही माना गया है। इन परिस्थितियों को देखते हुए जिला पंचायत अधिकारी यशपाल सिंह ने उप प्रधान को चेतावनी जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि भविष्य में वे उप-प्रधान पद पर रहते हुए केवल अपने अधिकार क्षेत्र में ही शक्तियों का प्रयोग करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि एनएचएआई से प्राप्त होने वाली रिपोर्ट में किसी प्रकार की गड़बड़ी या गबन का मामला सामने आता है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।