सीर खड्ड के किनारे तैयार मैदान में बनेगा स्थायी मंच
ग्रीष्मोत्सव की सांस्कृतिक संध्याओं के आयोजन का भी मिलेगा विकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं शहर में अब बड़े सार्वजनिक आयोजनों के लिए अपना मैदान होगा। सीर खड्ड के किनारे तैयार किए गए दशहरा ग्राउंड में दशहरा उत्सव के अलावा सांस्कृतिक संध्याओं, जनसभाओं, राजनीतिक रैलियों और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा। मैदान में स्थायी मंच बनाने की भी योजना है। इससे आयोजकों को बार-बार अस्थायी मंच तैयार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
शहर में लंबे समय से ऐसे मैदान की जरूरत महसूस की जा रही थी, जहां बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी वाले कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें। जगह की कमी के कारण विभिन्न संस्थाओं और संगठनों को आयोजन के लिए उपयुक्त स्थान तलाशने में परेशानी होती थी। अब दशहरा ग्राउंड मिलने से शहर में बड़े कार्यक्रमों के आयोजन का रास्ता आसान होने की उम्मीद है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने सीर खड्ड के किनारे तैयार इस मैदान को दशहरा ग्राउंड नाम दिया है। हाल ही में दशहरा उत्सव के दौरान यहां रावण दहन किया गया। इसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। मंत्री राजेश धर्माणी भी इस मौके पर मौजूद रहे। दशहरा उत्सव के सफल आयोजन के बाद अब इस मैदान को शहर के अन्य बड़े कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल करने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
घुमारवीं में अप्रैल में आयोजित होने वाला ग्रीष्मोत्सव शहर के प्रमुख आयोजनों में शामिल है। इसकी सांस्कृतिक संध्याओं में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में दर्शकों के बैठने और कार्यक्रमों के आयोजन के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध करवाना आयोजकों के लिए चुनौती रहता है। पहले स्कूल के मैदान में सांस्कृतिक संध्याएं आयोजित की जाती थीं, लेकिन स्कूल परिसरों में ऐसे कार्यक्रमों पर बंदिशों के चलते वैकल्पिक स्थान की जरूरत महसूस की जा रही थी। दशहरा ग्राउंड उपलब्ध होने से ग्रीष्मोत्सव की सांस्कृतिक संध्याओं के आयोजन के लिए भी विकल्प मिल गया है। इससे स्कूल परिसरों पर निर्भरता कम हो सकती है। हालांकि, बड़े आयोजनों के दौरान दर्शकों के बैठने, यातायात और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण रहेगा।
स्थायी मंच बनाने की भी योजना
दशहरा ग्राउंड को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की योजना है। यहां स्थायी मंच बनाया जाएगा, ताकि सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए बार-बार अस्थायी मंच तैयार न करना पड़े। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी। साथ ही, विभिन्न संस्थाओं और संगठनों को अपने कार्यक्रमों के लिए एक निश्चित स्थान उपलब्ध हो सकेगा।
कोट
शहर में काफी समय से एक मैदान की जरूरत महसूस की जा रही थी। दशहरा ग्राउंड को विकसित कर यहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके लिए स्थायी मंच बनाने की भी योजना है, ताकि शहर में होने वाले सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक आयोजनों के लिए एक निश्चित स्थान मिल सके।
-राजेश धर्माणी, तकनीकी शिक्षा मंत्री, हिमाचल सरकार