बिलासपुर के नोग गांव के ग्रामीणों के साथ बैठक करते एसडीएम डॉ. राजदीप सिंह। डीपीआरओ
एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देश
जांच समिति को भी निरीक्षण करने का कहा, जल्द लगेगा हैंडपंप
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भानुपली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन पर बामटा में बन रही टनल से नोग गांव में क्षतिग्रस्त हुए घरों का भूवैज्ञानिक मूल्यांकन करेंगे। यह निर्देश एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह ने विभागीय अधिकारियों को दिए। एसडीएम ने जांच समिति को भी प्रभावित मकानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा गांव के लोगों को आश्वासन दिया कि जल संकट से बचने के लिए जल्द हैंडपंप लगाया जाएगा।
नोग गांव के ग्रामीण वीरवार को उपायुक्त राहुल कुमार के पास अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। इसके बाद उपायुक्त के निर्देश पर एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह ने उपमंडल कार्यालय में गांव नोग के प्रभावित ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं। बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि बामटा में बन रही रेल लाइन की टनल के कारण गांव के कई मकानों में दरारें आ गई हैं। इसके अलावा गांव की पारंपरिक बावड़ी सूख चुकी है, जिससे जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। एसडीएम ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सहायक भूवैज्ञानिक को गांव नोग में भेजने और मकानों की स्थिति का भूवैज्ञानिक मूल्यांकन करवाने के निर्देश दिए। साथ ही जांच समिति को शीघ्र मौके पर जाकर प्रभावित मकानों का निरीक्षण कार्य शुरू करने को कहा गया। समिति की ओर से निरीक्षण के समय ग्रामीणों को जांच प्रक्रिया की जानकारी भी दी जाएगी। जल संकट के समाधान के लिए एसडीएम ने संबंधित कंपनी को निर्देश दिए कि सूखी हुई बावड़ी के स्थान या समीपवर्ती क्षेत्र में जल स्रोत की जांच कर जल्द से जल्द हैंडपंप लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि लोगों को पीने के पानी की परेशानी न हो। बैठक में गांव नोग के लोगों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे क्षेत्र में चल रहे टनल निर्माण कार्य में पूर्ण सहयोग देंगे। एसडीएम सदर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।