फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: भाषण प्रतियोगिता में गौरव का पहला स्थान

विज्ञापन
विज्ञापन
- नई सारली स्कूल में मनाया विश्व पोलियो दिवस
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से राजकीय उच्च पाठशाला नई सारली में विश्व पोलियो दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रवीण कुमार के आदेशानुसार आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता प्रधानाचार्य बलबीर ने की।
विज्ञापन


इस अवसर पर भाषण, नारा लेखन और चार्ट मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भाषण प्रतियोगिता में गौरव ने पहला, हरमन ने दूसरा और गौरव ने तीसरा स्थान हासिल किया। नारा लेखन प्रतियोगिता में शुभम ने पहला, अक्षय तीर्थ ने दूसरा और श्रेया ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। चार्ट मेकिंग में जतिन ने पहला, मोहित ने दूसरा और ओमनश ने तीसरा स्थान हासिल किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार ने विद्यार्थियों को बताया कि यह हम सभी भारतीयों के लिए गर्व की बात है कि हमारा देश पोलियो से पूर्णत: मुक्त है। उन्होंने बताया कि पोलियो एक प्रकार की संक्रमित बीमारी है जो वन्य पोलियो वायरस द्वारा फैलता है यह विशेष तौर पर बच्चों को प्रभावित करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक पोलियो वायरस से संक्रमित 70 से 95 प्रतिशत लोगों में इसके कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, लेकिन 200 में से एक संक्रमित में लकवा हो सकता है। पोलियो का वायरस केंद्रिका तंत्र पर हमला करता है और उसके विकास को रोक देता है। इसके कारण ही छोटे बच्चों में विकलांगता जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। यही कारण है कि 5 साल से छोटे बच्चों को पोलियो की नियमित खुराक दी जाती है, ताकि पोलियो का वायरस उनके ऊपर हमला न कर सके। एक बार पोलियो का वायरस किसी बच्चे के शरीर में प्रवेश कर जाए तो वह सबसे पहले गले और आंतों को संक्रमित करना शुरू कर देता है। इसके बाद आंखों के रास्ते शरीर के सभी भागों में फैल जाता है। इसके कारण ही बच्चे को लकवा और विकलांगता जैसी बीमारी हो जाती है। उन्होंने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को उल्टी, सिर दर्द, अकड़न, पीठ दर्द, गर्दन में दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी हाथ और पैर में दर्द व जकड़न, गले में खराश, थकान, लगातार 10 दिनों तक शरीर में इस प्रकार के लक्षण को महसूस कर रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। देश में पोलियो रोग का 13 जनवरी 2011 को पश्चिम बंगाल में संक्रमित अंतिम केस दर्ज किया गया था। भारत में पोलियो टीकाकरण की शुरुआत साल 1995 में हुई थी। साल 2014 में हमारे देश को पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है। पोलियो से बचने के उपाय ओरल पोलियो वैक्सीन और दूसरा इनएक्टिवेटेड पोलियो वायरस वैक्सीन है। हिमाचल प्रदेश में पोलियो का अंतिम केस साल 2009 में सोलन में पाया गया था। इस अवसर पर स्कूल अध्यापक, आशा वर्कर और अन्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें