घुमारवीं बस अड्डा पर लगे कूड़े के ढेर। संवाद
नगर परिषद और ठेकेदार पर उठे सवाल
गंदगी देखकर यात्री यहां रुकने से भी करते हैं परहेज
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। शिक्षा का हब कहे जाने वाले घुमारवीं शहर का बस अड्डा इन दिनों कूड़े के ढेरों में तब्दील हो गया है। बस अड्डे के भीतर जमा कूड़ा न केवल बदबू फैला रहा है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ा रहा है। यहां से रोजाना दर्जनों बसें शिमला और धर्मशाला के बीच सफर करने वाले यात्रियों को लेकर गुजरती हैं, लेकिन स्टेशन की गंदगी देखकर यात्री यहां रुकने से भी परहेज करने लगे हैं।
बस अड्डे की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी ठेकेदार और नगर परिषद के बीच बंटी हुई है। ठेकेदार कूड़ा इकट्ठा कर एक स्थान पर रखने का कार्य करता है, जबकि नगर परिषद को इसे उठाकर निस्तारण स्थल तक ले जाने का जिम्मा सौंपा गया है। परिवहन विभाग के अनुसार, बस अड्डे से कूड़ा उठाने के लिए नगर परिषद को हर माह पांच हजार रुपये अदा किए जाते हैं, बावजूद इसके कई दिनों से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा। जानकारी के अनुसार, कुछ स्थानीय लोग भी घरों का कूड़ा बस अड्डे परिसर में फेंक रहे हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है। नगर परिषद के मुताबिक, सफाई व्यवस्था के लिए हर माह ठेकेदार को करीब साढ़े पांच लाख रुपये का भुगतान किया जाता है, बावजूद इसके शहर की हालत बदतर है। नगर परिषद अध्यक्ष रीता सहगल ने कहा कि, बस अड्डे से कूड़ा उठाया जाता है। यदि किसी दिन सफाई कर्मियों ने लापरवाही की है, तो उन्हें तुरंत कूड़ा उठाने के निर्देश दिए जाएंगे। बस अड्डा इंचार्ज जयपाल ने बताया कि नगर परिषद को कूड़ा उठाने के लिए हर माह पांच हजार रुपये दिए जाते हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से नगर परिषद की ओर से कूड़ा नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई नहीं की गई तो बस अड्डा बीमारी फैलने का केंद्र बन सकता है। शहर की छवि बचाने के लिए नगर परिषद को तत्काल प्रभाव से सफाई व्यवस्था दुरुस्त करनी होगी।