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संस्कृत शिक्षक परिषद् 31 जुलाई से मनाएगी संस्कृत सप्ताह

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बिलासपुर। हिमाचल राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद की राज्यस्तरीय ऑनलाइन बैठक प्रदेशाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार शैल की अध्यक्षता में सोमवार को हुई। जिसमें आठ जिलों के प्रतिनिधियों ने सक्रियता से भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से पदाधिकारियों द्वारा कई अहम निर्णय लिए गए। इस दौरान संस्कृत के अतीत से भविष्य में आने वाली भाषायी संभावनाओं को तराशने का भी निर्णय लिया गया।
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परिषद के प्रदेशाध्यक्ष मनोज कुमार शैल ने बताया कि 31 जुलाई से पूर्व एक पत्र अभियान चलाया जाएगा। जिसमें प्रत्येक जिला और खंड के प्रतिनिधि अपने मंत्री व विधायक के माध्यम से मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को अपनी मांगों के संदर्भ में ज्ञापन भेजेंगे। इसके साथ निर्णय लिया गया कि संस्कृत शिक्षक परिषद 31 जुलाई से शुरू हो रहे संस्कृत सप्ताह को भी मनाएगी। जिसमें जिला स्तर पर ऑनलाइन संस्कृत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता करवाई जाएगी। जिसमें नकद पुरस्कार के साथ ही प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे।
प्रत्येक जिला से प्रथम पांच छात्रों का चयन राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में होगा। जिसमें जो भी प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करेगा उसे पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही संस्कृत शिक्षक परिषद संस्कृत का भविष्य और भविष्य की संस्कृत, भारत का गौरवमय अतीत, हमारी जीवन पद्धति और संस्कृत आदि विषयों पर ऑनलाइन वेबीनार करवाएगी।
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शैल ने कहा कि इस सभी का परिषद के फेसबुक पेज पर तथा यूट्यूब चैनल पर भी लाइव किया जाएगा। इसके साथ परिषद में किए गए संविधान संशोधन को भी मंजूरी दी गई। बैठक में विशेष रूप से परिषद के संरक्षक डॉ. अरुण शर्मा, उपाध्यक्ष अमर सेन, जंगछुब नेगी, महासचिव अमित शर्मा, कोषाध्यक्ष सोहनलाल, सचिव शेर सिंह, आईटी सचिव विवेक शर्मा, सोलन से अनमोल शर्मा, शिमला के प्रधान दिग्विजयेंद्र, बिलासपुर के महासचिव भूपराम, मंडी के महासचिव बलवंत, हमीरपुर के महासचिव रजनीश शर्मा, ऊना के प्रधान बलवीर चंद व महासचिव शिव कुमार, कांगड़ा के महासचिव व कार्यकारी प्रधान राजकुमार, चंबा के महासचिव हेम सिंह आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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