3.70 लाख हड़प कर टूरिस्ट
वीजा पर भेज दिया मॉस्को
आरोपियों ने नौकरी लगाने का दिया था झांसा
एक महीने धक्के खाकर घर लौटा पीड़ित, केस दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। वर्क परमिट पर रूस के मोस्को में नौकरी देने का झांसा देकर एक युवक से लाखों रुपये हड़पने का मामला सामने आया है।
शातिरों ने युवक से 3.70 लाख रुपये लेकर वर्क वीजा देने के बजाय टूरिस्ट वीजा लगवाकर उसे मॉस्को भेज दिया। एक महीने तक वहां धक्के खाने के बाद युवक वापस लौटा और इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस को दी शिकायत में कर्म सिंह निवासी वार्ड नंबर-6 तहसील सदर जिला बिलासपुर ने बताया कि उनका बेटा ललित रोजगार की तलाश कर रहा था। उन्हें अपने एक रिश्तेदार से पता चला कि रितेश चौहान विदेशों में अच्छी नौकरी दिलाने का काम करते हैं। इनसे संपर्क करने पर औपचारिकताएं पूछी तो बताया कि केवल पासपोर्ट बनवाकर देना है।
पासपोर्ट बनवाकर रितेश चौहान को दिया। रितेश चौहान ने बेटे ललित के व्हाट्सएप नंबर पर एक एग्रीमेंट हस्ताक्षर करने के लिए भेजा। एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर वापस भेज दिया। इसके बाद उन्होंने 70,000 रुपये की मांग की। जो चेक के माध्यम से दे दिए। उन्होंने एक बार फिर 3,00,000 रुपये की मांग की जोकि उसके बैंक खाते में सीधे भेजे दिए। उन्होंने ललित को दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचने को कहा। एयरपोर्ट पहुंचा तो रितेश चौहान और उसकी पत्नी ने एक अन्य व्यक्ति आदिल रहमान से मिलवाया। कुछ कागजात पर हस्ताक्षर करवाकर पासपोर्ट और टिकट दे दिया।
उन लोगों ने बताया कि मॉस्को में कंपनी की गाड़ी एयरपोर्ट पर उसे लेने के लिए आ जाएगी। रहने, खाने-पीने और नौकरी की सारी व्यवस्था कंपनी की होगी। ललित मास्को एयरपोर्ट पर पहुंचा तो वहां पर कंपनी की न तो गाड़ी आई और न ही वहां पर नौकरी का कोई प्रबंध था। नौकरी की बात तो दूर थी वहां पर कोई पूछने तक नहीं आया।
मॉस्को के होटल में ठहरा था तो वहां स्थानीय पुलिस नेे कागजातों की छानबीन की। पुलिस ने बताया कि उसके पास सिर्फ टूरिस्ट वीजा है। इस वीजा के मुताबिक एक महीने के भीतर मास्को छोड़कर जाना पड़ेगा। इसलिए तुरंत वापस जाने की व्यवस्था कर लें। ललित को कुछ दिन वहां पर होटल में रुकना पड़ा। इस पर करीब दो लाख रुपये का खर्च हो गया। बड़ी मुश्किल से वापसी आने के लिए टिकट का प्रबंध किया। इस बारे में जब रितेश चौहान से संपर्क किया तो वह उल्टा धमकियां देने लगा। काफी समय बाद उसने 1,50,000 रुपये वापस किए जबकि बाकी पैसे वह नहीं दे रहा है। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई।
डीएसपी मुख्यालय राजकुमार ने बताया कि सदर थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच की जा रही हैं। इस मामले के सभी पहलुओं की छानबीन की जा रही है।