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फोरलेन अधिग्रहण : सड़क चौड़ाई का विवाद, रिकॉर्ड में 5 कर्म का अंतर

Wed, 24 Sep 2025 11:16 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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-विवादित खसरा नंबर में भू अर्जन इकाई और राजस्व विभाग का रिकॉर्ड अलग
-रिकॉर्ड में 27, 31 और 30 कर्म है चौड़ाई, 32 कर्म है केंद्र का ले आउट प्लान
-एसडीएम ने दिए अधिग्रहण रिकॉर्ड, राजस्व रिकॉर्ड में पाई गई भिन्नता में सुधार के आदेश

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। किरतपुर-मनाली फोरलेन अधिग्रहण परियोजना की चौड़ाई और राजस्व रिकॉर्ड को लेकर बड़ा अंतर सामने आया है। भू-अर्जन अधिकारी के कार्यालय के रिकॉर्ड में फोरलेन की चौड़ाई 31 कर्म दर्ज थी, जबकि तहसील झंडूता की ओर से एसडीएम झंडूता के समक्ष पेश रिकॉर्ड में यह चौड़ाई 27 और 30 कर्म पाई गई। जबकि केंद्र के ले आउट प्लान के आधार पर सड़क की चौड़ाई 32 कर्म यानि 45 मीटर ली जानी थी। इस तरह दो अलग रिकॉर्ड में पांच कर्म का अंतर पाया गया।
आरोप है कि किसी विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए भू-अर्जन कार्यालय बिलासपुर ने शिकायत होने पर उपायुक्त को रिपोर्ट पत्र संख्या 375, दिनांक 03-05-2025 भेजी थी, जिसमें कहा गया था कि विवादित खसरा नंबर पर सड़क की चौड़ाई 32 कर्म है। इसके बाद फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने इस झूठी रिपोर्ट के खिलाफ एसडीएम झंडूता को ज्ञापन दिया। इसके बाद 15 सितंबर 2025 को एसडीएम झंडूता अर्शिया शर्मा की अध्यक्षता में सभी संबंधित विभागों की बैठक हुई, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग की विशेष इकाई बिलासपुर से कानूनगो चंचल सिंह ने विवादित खसरा नंबर मौजा धराड़सानी का रिकॉर्ड पेश किया। अवलोकन करने पर सड़क की चौड़ाई 31 कर्म पाई गई। इसके बाद ग्रामीण राजस्व अधिकारी कपिल कुमार ने अधिग्रहण इंतकाल नंबर 786 के साथ संलग्न ततीमा में पैमाना लगाकर सड़क की चौड़ाई मापी, जो 27 कर्म पाई गई। एसडीएम झंडूता ने बैठक में पुष्टि की कि अधिग्रहण की गई भूमि का इंतकाल भू-अर्जन इकाई के कर्मचारियों द्वारा दर्ज किया गया था और भू-अर्जन तहसीलदार ने इसे 11 मई 2015 को तस्दीक किया था। एसडीएम अर्शिया शर्मा ने कानूनगो को स्पष्ट निर्देश दिए कि मौजा धराड़सानी के अधिग्रहण रिकॉर्ड और राजस्व रिकॉर्ड में पाई गई भिन्नता का तत्काल सुधार किया जाए। बैठक में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से भी सुझाव मांगा गया लेकिन किसी ने कोई अतिरिक्त सुझाव नहीं दिया।
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वहीं, अब फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने उपायुक्त बिलासपुर से भू-अर्जन अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो इसे उच्च न्यायालय में, राष्ट्रपति की ओर से जारी अधिसूचना की उल्लघंन पर उठाया जाएगा। समिति ने कहा कि एक परियोजना में दो तरह के रिकॉर्ड पेश करना गंभीर चिंता का विषय है। एसडीएम झंडूता ने भू-अर्जन कार्यालय को पाई गई भिन्नता को ठीक करने के कड़े निर्देश दिए हैं। संबंधित तहसीलदार झंडूता की ओर से पेश किए गए रिकॉर्ड में सड़क की चौड़ाई 27 कर्म दर्ज है, और शिकायत का सत्यापन सही पाया गया।
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