12 सड़कें बंद, 12 गोशालाएं भी गिरीं, एक बकरी की मौत
बागछाल-मरोतन, घुमारवीं-बरठीं वाया सुन्हाणी मार्ग छोटे वाहनों के लिए खुले
कुहाथड़ा गांव में मकान गिरा, बाल-बाल बचे दंपती
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/भराड़ी। जिले में दो दिन से रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे दुश्वारियां बढ़ी हुई हैं। निजी और सरकारी संपत्ति को लगातार नुकसान हो रहा है।
जिले में पिछले 24 घंटे में बारिश से एक पक्का मकान और तीन कच्चे मकान ढह गए। इसके अलावा एक पक्का मकान, तीन कच्चे मकान, एक दुकान और एक स्टोर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गई। 12 गोशालाएं भी ढही हैं। मलबे में दबने एक बकरी की मौत हुई है। भूस्खलन से 12 सड़के अभी भी बंद हैं। हालांकि, कोटधार और झंडूता क्षेत्र के लोगों के लिए राहत की खबर है। करीब 10 दिन बाद बागछाल-मरोतन और घुमारवीं-बरठीं वाया सुन्हाणी सड़क को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। इसके अलावा पुराना चंडीगढ़-मनाली हाईवे अभी भी बंद है। इस हाईवे को बंद हुए 10 दिन हो चुके हैं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्वालथाई-भाखड़ा-श्री नयनादेवी जी, श्री नयनादेवी जी एग्जिट मार्ग और कैंचीमोड़-श्री नयनादेवी जी सड़कें अभी भी बंद हैं। उधर,
भराड़ी उप तहसील के तहत कुहाथड़ा गांव में दो मंजिला स्लेटपोश मकान गिर गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। हादसे के दौरान घर का मालिक और उसकी पत्नी भीतर खाना खा रहे थे। दीवार गिरने की आवाज सुनते ही दंपती बाहर निकल आए। पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये के नुकसान की आशंका है। भराड़ी पंचायत उप प्रधान संजू चौधरी ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे भागीरथ का दो मंजिला स्लेटपोश मकान गिर गया। घर के भीतर रखा सामान दब गया। पीड़ित परिवार आईआरडीपी से संबंधित है। उप प्रधान ने बताया कि हादसे से ठीक पहले दंपती बाहर निकल आए, जिस कारण जानी नुकसान होने से बच गया। हल्का पटवारी अभिषेक शर्मा ने मौके का मुआयना कर उच्चाधिकारियों को जानकारी दी है। नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। पांच हजार रुपये और तिरपाल तिरपाल फौरी राहत के तौर पर दी गई है।