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फॉरेस्ट गार्ड तथा वर्कर सस्पेंड

Wed, 20 Jan 2016 06:51 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ (बिलासपुर)।
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वन क्षेत्र बिलासपुर के तहत कुड्डी के बराथू जंगल के समीप बिना मार्क के कटे खैर के पेड़ों की गाज फॉरेस्ट गार्ड तथा एक फॉरेस्ट वर्कर पर गिरी है। मामले में वन विभाग ने फॉरेस्ट गार्ड तथा एक फॉरेस्ट वर्कर को सस्पेंड कर दिया है। इस मामले की सारी इंक्वायरी अब वन्य अरण्यपाल (एसीएफ) करेंगे।
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सूत्रों के मुताबिक वन विभाग की प्राथमिक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि ये खैर के पेड़ निजी भूमि से कटे हुए हैं। वन भूमि से खैर का कोई पेड़ न कटा हो, इसके लिए वन विभाग डिमार्केशन लेने की तैयारी कर रहा है।

 डिमार्केशन के लिए विभाग ने रेवेन्यू अधिकारियों से भी संपर्क किया है। विदित रहे कि बराथू जंगल के समीप बिना मार्क किए गए लगभग 85 खैर के पेड़ काट दिए थे। जबकि नियमों के अनुसार खैर के पेड़ों को मार्क करने के बाद ही काटा जाता है। लगभग 80 से 85 खैर के पेड़ कटने के बाद हरकत में आए वन विभाग ने इस पर जांच बिठा दी है। प्राथमिक जांच में ये सभी खैर के पेड़ निजी भूमि से ही काटने की बात सामने आई है।
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विभाग तसल्ली के लिए यहां पर डिमार्केशन भी लेगा। जिससे जंगल की भूमि से खैर के पेड़ काटने की बात का पता चल पाएगा। इसके अलावा जांच में वन विभाग कई बिंदुओं पर गहनता से विचार करेगा। जानकारी के मुताबिक वन विभाग की टीम रूटीन चैकिंग के दौरान बराथू जंगल में गश्त पर गई थी। इस दौरान टीम को बिना मार्क के खैर के पेड़ कटे हुए मिले थे। विभागीय टीम ने मौके पर से पेड़ों के 151 लॉग बरामद कर लिए हैं। मामले की अब वन विभाग बारीकी से जांच कर रहा है।

उधर, डीएफओ एचके सरवटा ने बताया कि वन विभाग ने खैर के पेड़ों की अवैध कटान मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले में विभाग ने फॉरेस्ट गार्ड तथा फॉरेस्ट वर्कर को सस्पेंड कर दिया है। वन भूमि पर कोई खैर का पेड़ न कटा हो, विभाग इसके लिए डिमार्केशन ले रहा है। मामले की जांच विभाग के उच्च अधिकारी एसीएफ कर रहे हैं।
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