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Bilaspur News: राइट आफ वे की धीमी जांच पर वन विभाग ने जताई नाराजगी

Thu, 11 Sep 2025 11:21 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन : सर्वे टीम बढ़ाने व बुर्जियां लगाने का एनएचएआई से किया आग्रह
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आरओडब्ल्यू पिलरों के सत्यापन के लिए वर्तमान में एक ही टीम कर रही काम

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन प्रोजेक्ट में बदली गई वन भूमि की अलाइनमेंट पर राइट ऑफ वे के तहत आरसीसी पिलरों के सत्यापन के धीमे काम को लेकर वन विभाग ने कड़ा रुख किया है। बिलासपुर वन सर्कल के अरण्यपाल ने परियोजना निदेशक, एनएचएआई-पीआईयू मंडी को पत्र लिखकर सर्वे टीमों की संख्या बढ़ाने और तुरंत प्रभाव से सीमांकन पिलर लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
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वन विभाग ने पत्र में कहा कि वर्तमान में केवल एक ही सर्वे टीम आरओडब्ल्यू पिलरों के सत्यापन के लिए तैनात है, बल्कि प्रोजेक्ट का दायरा बड़ा होने के बावजूद सीमित स्टाफ के कारण जांच कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। विभाग ने एनएचएआई से तुरंत अतिरिक्त टीमें लगाने का आग्रह किया है, ताकि सत्यापन समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके और सड़क निर्माण के सीमांकन में और देरी न हो। अण्यपाल ने इस पत्र की प्रतिलिपि डीसीएफ बिलासपुर को भेजते हुए उनसे भी यथासंभव उचित कार्रवाई करने को कहा है। बताते चलें कि इस फोरलेन के सीमांकन को लेकर चौथी बार सीमांकन पिलर की प्रक्रिया शुरू की गई है। पहले भी इस काम के लिए सात-सात लाख रुपये के टेंडर जारी कर कागजों में बुर्जियां लगाने का दावा किया जा चुका है। हालांकि जमीनी स्तर पर सीमांकन का कार्य अधूरा है और आरसीसी पिलरों की वास्तविक स्थापना नहीं हो पाई है। बुर्जियां न लगाने से वन और निजी भूमि में मूल सड़क अलाइनमेंट में फेरबदल कर कुछ लोगों को गैरकानूनी तरीके से लाभ पहुंचाने की भी बातें उठी हैं। वहीं अब पर्यावरण मंत्रालय के आदेशों के बाद चौथी बार इस कार्य को किया जा रहा है।
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