- जिले में एक भी शराब कारोबारी के पास नहीं फूड सेफ्टी लाइसेंस
-विभाग की ओर से भी नहीं हो रही कोई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (घुमारवीं)। जिले में शराब के ठेकों पर अभी भी खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियम की अवहेलना जारी है। दूसरी ओर संबंधित विभाग द्वारा अभी तक इनके खिलाफ कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। जिले में एक भी शराब के ठेके पर फूड लाइसेंस ही नहीं है।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत शराब बेचने के लिए भी फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया से फूड लाइसेंस लेना अनिवार्य है, लेकिन जिले में अप्रैल माह से नए ठेकेदारों को शराब बेचने का लाइसेंस दिया गया है, लेकिन इन बीते पांच माह में अभी तक किसी भी शराब कारोबारी द्वारा इन नियमों की पालना नहीं की गई है। जब संबंधित विभाग से इसके बारे में जानकारी ली गई तो पता चला कि जिले में 156 शराब की दुकानें हैं, लेकिन किसी भी शराब कारोबारी द्वारा फूड एंड सेफ्टी लाइसेंस लेना तो दूर की बात आज तक आवेदन तक नहीं किया है। विभाग द्वारा जल्द ही इन सभी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही गई थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है। बिना फूड लाइसेंस के किसी भी प्रकार का खाद्य या पेयपदार्थ बेचने पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाता है, लेकिन शराब कारोबारी बेखौफ होकर नियमों को ताक पर रखकर कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। यही नहीं विभागीय कार्रवाई न होने के कारण सरकार को भी सालाना करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। क्योंकि एक दुकान के लाइसेंस के लिए 2000 रुपये सालाना लाइसेंस फीस निर्धारित की गई है, लेकिन किसी भी कारोबारी द्वारा लाइसेंस न बनवाकर सरकारी राजस्व को भी चपत लगाई जा रही है।
कोट
श्रावण अष्टमी मेलों में व्यस्तता के कारण कार्रवाई नहीं हो पाई है, क्योंकि मेलों में लगाए गए लंगरों तथा अन्य सभी खाद्य पदार्थ से जुड़ी दुकानों की जांच की जा रही है, जैसे ही यह मेले समाप्त होंगे विभाग अपनी कार्रवाई शुरू करेगा। किसी भी ऐसे कारोबारी को जो बिना लाइसेंस के शराब बेचने का कार्य कर रहे हैं उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-महेश कश्यप, आयुक्त खाद्य सुरक्षा विभाग, बिलासपुर