जुखाला(बिलासपुर)। होटल और रेस्टोरेंट मालिकों को अब फूड सेफ्टी लाइसेंस लेना होगा। जिसके लिए अब दो हजार रुपये सालाना के हिसाब से पैसे अदा करने होंगे। इस बारे में सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा बिलासपुर सविता ठाकुर ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पहले खाद्य पदार्थ बेचने या बनाने वालों का स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उनका पंजीकरण किया जाता था। उसके लिए 5 वर्ष की अवधि के लिए उनका पंजीकरण मान्य होता था। इसके लिए उन्हें 525 रुपये अदा करने होते थे।
उन्होंने कहा कि अब नई व्यवस्था के अनुसार होटल और रेस्टोरेंट मालिकों को इस श्रेणी से अलग कर दिया हैं। अब उन्हें दो हजार रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से पैसे अदा करने होंगे। इससे गांव और कस्बों में होटल व रेस्टोरेंट का कारोबार करने वालों छोटे कारोबारियों पर ज्यादा प्रभाव पड़ेगा।
सविता ठाकुर ने बताया कि एक तरफ केंद्र सरकार ने हजार रुपये से कम रेट के कमरों पर छोटे होटल कारोबारियों को जीएसटी में कर अदा करने की छूट दी है। वहीं अब 5 वर्ष का फूड सेफ्टी लाइसेंस के लिए दस हजार रुपये की राशि खर्च करनी पड़ेगी। इससे छोटे कारोबारियों पर ज्यादा मार पड़ेगी।